नए नाम से कांग्रेस में आया भूचाल
रतलाम. कांग्रेस की राजनीति में गुरुवार दोपहर महापौर पद के लिए एडवोकेट निर्मल कटारिया के रूप में नया नाम सामने आने से भूचाल आ गया। इससे विधानसभा चुनाव की तरह कांग्रेस की गुटीय लड़ाई पुन: सड़क पर आने की आशंका है।
दो वरिष्ठ नेताओं ने जिला न्यायालय परिसर पहुंचकर एडवोकेट श्री कटारिया से चुनाव लड़ने के लिए बात की। यह खबर तेजी से दावेदारों व अन्य कांग्रेसियों तक पहुंची। इस पर युवा दावेदारों ने कहा कि अन्याय हुआ तो वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगे।
दोपहर करीब 12.30 बजे पूर्व विधायक शिवकुमार झालानी व वरिष्ठ कांग्रेस नेत खुर्शीद अनवर साथियों के साथ न्यायालय परिसर पहुंचे और एडवोकेट श्री कटारिया से चर्चा करते हुए कहा आपको चुनाव लड़ना है, तैयार कीजिए।
श्री कटारिया ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। इसी बीच वहां मौजूद अन्य अभिभाषकों सुभाष उपाध्याय, सुनील खारीवार आदि ने भी श्री कटारिया से सहमति देने के लिए बात की। श्री कटारिया चुनाव लड़ने के लिए स्वीकृति देने से इनकार करते रहे।
एडवोकेट अमीन खान ने भी दूरभाष पर चर्चा कर श्री कटारिया को चुनाव लड़ने के लिए राजी करने का प्रयास करने का प्रयास किया। करीब 50 मिनट तक विचार-विमर्श चलता रहा। श्री कटारिया को विश्वास दिलाया गया कि वे निर्विवाद प्रत्याशी हैं।
शगुन के रूप में एडवोकेट श्री उपाध्याय व श्री खारीवाल ने उन्हें 251 रुपए की राशि भेंट की। श्री झालानी व श्री अनवर ने मीडियाकर्मियों को बताया श्री कटारिया को चुनाव के लिए तैयार किया है। उन्होंने चुनाव के लिए सहमति दी। अब उनके नाम पर सर्वानुमति बनाएंगे।
युवाओं में नाराजी
कुछ युवा दावेदारों ने अपना नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर कहा पैराशूट से उतरे व्यक्ति को वे बर्दाश्त नहीं करेंगे। कुछ का कहना है कि श्री कटारिया के नाम से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है लेकिन जिस प्रकार की राजनीति कर युवाओं को आगे बढ़ने से रोका जा रहा है वह ठीक नहीं है।
श्री कटारिया लंबे समय से राजनीति से दूर हैं। ऐसे में सक्रिय लोगों को दरकिनार करना कांग्रेस के लिए नुकसानदायक साबित होगा। एक दावेदार का कहना था कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ खुलेआम काम कर निर्दलीय प्रत्याशी को जिताने वाले लोग ही महापौर के चुनाव में भी राजनीति करेंगे तो कांग्रेस प्रत्याशी का जीतना संभव नहीं है।
टिकट तो हाईकमान ही तय करेगा
कांग्रेस पर्यवेक्षक योगेश शर्मा ने बताया अभी किसी का नाम तय नहीं हुआ है। अभी तो पर्यवेक्षकों ने प्रदेश हाईकमान को रिपोर्ट ही नहीं सौंपी है। रिपोर्ट 21 नवंबर तक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश पचौरी को सौंपी जाएगी। इसके बाद प्रदेश चयन समिति टिकट का फैसला करेगी।










