उपयंत्री करोड़ों का मालिक
इंदौर. ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के उपयंत्री अरविंद स्वामीप्रसाद तिवारी के घर पर लोकायुक्त पुलिस की छापामार कार्रवाई में करोड़ों रुपए की अनुपातहीन संपत्ति का पता चला है। तिवारी की शहरभर में फैली संपत्ति और बैंक में जमा लाखों रुपए की जानकारी मिली है। तिवारी फिलहाल राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में देवास जिले के कन्नौद में पदस्थ है।
लोकायुक्त एवं विशेष स्थापना पुलिस के एसपी प्रेमसिंह बिष्ट ने बताया शिकायत प्राप्त होने के बाद उसके खिलाफ लंबे समय से सबूत जुटाए जा रहे थे। गुरुवार को तिवारी के सुदामानगर स्थित घर और कन्नौद स्थित दफ्तर पर एक साथ लोकायुक्त की दो टीमों ने कार्रवाई की।
डीएसपी मेघराज शर्मा, टीआई जीडी शर्मा, कुंवर नरेंद्र सिंह की टीम को जो कागजात मिले हैं, उनमें उसके द्वारा इंदौर में खरीदी गई जमीनों का ब्यौरा है। इसके साथ ही उसके 11 बैंक खातों में लगभग 23.86 लाख रुपए जमा होने की जानकारी मिली है।
उसके नाम पर 72 हजार रुपए के शेयर और 11 लाख रुपए बीमा प्रीमियम के तौर पर अभी तक जमा करने के दस्तावेज भी लोकायुक्त ने जब्त किए हैं। लोकायुक्त ने उसके कन्नौद स्थित किराए के मकान 46-कांजी हाउस पर भी कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ आय से अधिक संपंत्ति रखने का मामला दर्ज किया गया है। लोकायुक्त को अंदेशा है कि तिवारी ने यह पूरी संपंत्ति नरेगा में घपला कर जोड़ी है।
कलेक्टर ने दिए थे दो नोटिस
कन्नौद स्थित दफ्तर पर छापे में लोकायुक्त की टीम को कलेक्टर द्वारा तिवारी को दिए गए नोटिस भी मिले हैं। नोटिस किस मामले में जारी हुए हैं, इसका खुलासा नहीं हो पाया है।










