Danik Bhaskar Logo
| 27 Editions | 9 States

Investor
Friday, Nov 20th, 2009, 5:02 am [IST]  

danik bhaskarबचाव के लिए सर्जिकल मास्क सुरक्षित नहीं

भास्कर न्यूज

करनाल. स्वाइन फ्लू से बचने के लिए डाक्टर लोगों को मास्क लगाने की सलाह दे रहे हैं। डाक्टरों की सलाह का अनुसरण करते हुए लोग भी मास्क लगा रहे हैं, लेकिन आप जिस मास्क का प्रयोग कर रहे हैं, वह स्वाइन फ्लू से लड़ने में कारगर नहीं है। इन मास्क की परत इतनी कमजोर होती है कि स्वाइन फ्लू के वायरस को कंट्रोल नहीं कर सकते। इससे स्वाइन फ्लू के फैलने का खतरा रहता है।



बाजार में बिक रहे हैं सर्जिकल मास्क : केमिस्टों के अनुसार बाजार में इस समय सिर्फ सर्जिकल मास्क ही ज्यादा बिक रहा है, जबकि स्वाइन फ्लू के स्पेशल मास्क एन-95 की डिमांड स्थिर है। सर्जिकल मास्क की कीमत पांच रुपए के करीब है और एन-95 मास्क की कीमत 150 से 200 रुपए के बीच है।



इसलिए लोग सर्जिकल मास्क को अधिक खरीदना पसंद करते हैं। उन्होंने बताया कि एन-95 मास्क स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए सबसे बढ़िया है, जबकि सर्जिकल मास्क स्वाइन फ्लू के वायरस को रोकने में कारगर नहीं है।



ये हैं फर्क : सर्जिकल मास्क चार माइक्रोन से छोटे कणों को नहीं रोक पाता। इससे सांस लेने में कोई परेशानी नहीं होती। इसका सबसे बड़ा नुकसान यह है कि यह स्वाइन फ्लू के वायरस को रोकने में कारगर नहीं है। ४-५ घंटे के बाद बदलना होता है। एन-95 मास्क स्वाइन फ्लू का स्पेशल मास्क है।



यह तीन माइक्रोन तक के वायरसों को रोक लेता है। इसका एक नुकसान यह है कि इसमें सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। पेपर मास्क भी मार्केट में उपलब्ध हैं और यह पांच माइक्रोन से छोटे कणों को नहीं रोक सकता। यह सिर्फ मामूली वायरस को रोक सकता है। यह मास्क कफ व कोल्ड के लिए बेहतर है।



एक का और लिया सैंपल



पानीपत व अंबाला की तरह करनाल में भी स्वाइन फ्लू का असर दिखाई देने लगा है। हालांकि अभी तक करनाल में चार ही पाजीटिव केस सामने आए हैं। गुरुवार को भी चौथी कक्षा के एक छात्र का सैंपल लिया गया। जिसे जांच के लिए दिल्ली भेज दिया गया है। इससे पहले बुधवार को भी एक स्टूडेंट का सैंपल लेकर दिल्ली भेजा गया था।



कर्ण विहार में रहने वाले दस वर्षीय जय को शक के चलते परिजन सिविल अस्पताल में लेकर आए। जहां डाक्टरों के दल ने उसकी जांच की। जय में स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए जाने पर सैंपल लेकर दिल्ली भेज दिए। जय के पिता नवजीत ने बताया कि जय कई दिन से बीमार चल रहा था। एहतियात के तौर पर उन्होंने उसका सैंपल दिलवाया है।



एन-95 मास्क स्वाइन फ्लू के लिए सबसे बेहतर मास्क है। इस मास्क में स्वाइन फ्लू के वायरस को रोकने की अधिक क्षमता है। सर्जिकल व पेपर मास्क स्वाइन फ्लू से निपटने में कारगर नहीं है। - डा. चरणजीत चौधरी, जिला नोडल अधिकारी स्वाइन फ्लू करनाल

  share
apne vichaar
post a comment
name:
email:
select your language:     Hindi Roman     Hindi Phonetic     English
comment:
code: