छापों से खुला ‘रीयल’ कारोबार
इंदौर. आयकर विभाग ने गुरुवार सुबह रीयल इस्टेट कारोबार सैटेलाइट, चिराग रीयल इस्टेट, चौधरी इस्टेट, मयूरी हिना हर्बल प्रा.लि. और फिनिक्स ग्रुप के इंदौर, उज्जैन व मुंबई स्थित 20 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा।
सुबह से देर रात तक चली इस कार्रवाई में प्रारंभिक रूप से 25 करोड़ रुपए के प्रॉपर्टी के दस्तावेज जब्त किए गए। इसके अलावा 20 लाख रुपए नकद, 80 लाख रुपए के जेवर बरामद किए गए। समूहों से जुड़े लोगों के विभिन्न बैंकों के 13 लॉकर भी सील किए गए। इसमें जमीन के कारोबार से जुड़े एक विवादास्पद व्यक्ति का नाम आने की चर्चा है।
गुरुवार सुबह दफ्तर खुलने से पहले ही आयकर विभाग के करीब 55 अधिकारियों ने अलग-अलग जगह मोर्चा संभाल लिया था। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इंदौर के ऑर्बिट मॉल, न्यू पलासिया, पालीवाल नगर सहित कंपनियों के कर्ताधर्ताओं रितेश अजमेरा उर्फ चंपू, निलेश अजमेरा, चिराग शाह, वीरेंद्र चौधरी और अरुण डागरिया के ऑफिस, गोडाउन और निवास सहित इन बिल्डर्स के मुंबई के चार और उज्जैन के दो ठिकानों पर छापा मारा गया।
उज्जैन में मयूरी हिना के वीडी क्लॉथ मार्केट स्थित सोगानी निवास एवं आगर रोड स्थित फैक्टरी में छापा मारा गया। बताया जाता है कि उक्त व्यक्ति संबंधित समूहों की कंपनी में डायरेक्टर भी है। हालांकि इस बारे में कोई भी अधिकारी फिलहाल कुछ कहने को तैयार नहीं है।
दुबई में काटना चाहते थे कॉलोनी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ग्रुप से जुड़े लोग दुबई में भी कॉलोनी काटना चाहते थे। हालांकि वह काम पूरा नहीं हो पाया और वहां से लौटना पड़ा। इसके बाद से ही इनपर लगातार आयकर विभाग की नजर थी।
भोपाल में नकद देकर खरीदी जमीन
चारों ग्रुप ने भोपाल में भी बड़े पैमाने पर जमीन खरीदी है। जिनसे जमीन खरीदी गई उन्हें नगद भुगतान किया गया है। इतनी बड़ी रकम कहां से आई, इस पर भी आयकर विभाग की नजर थी।
23 फर्मों का ग्रुप
रितेश अजमेरा उर्फ चंपू के साथ ही नीलेश अजमेरा, चिराग शाह, वीरेंद्र चौधरी, अरुण डागरिया और मनीष सुराणा का इंदौर रीयल एस्टेट में खासा दखल है। बताया जाता है कि इन सभी ने मिलकर कुल 23 फर्म बना रखी हैं जिनमें वे अलग-अलग रूप में डायरेक्टर है। इन्ही कंपनियों में से एक सेटेलाइट ग्रुप भी है जिसके इंदौर में चार टाउनशिप प्रोजेक्ट हैं।
सेटेलाइट जंक्शन- पंचवटी इंदौर
सेटेलाइट टाउनशिप-निहालपुर मंडी उत्सव के पीछे
सेटेलाइट हिल्स-बायपास
सेटेलाइट सिटी- खंडवा रोड
इसमे सेटेलाइट जंक्शन को रितेश अजमेरा ने ही डेवलप किया था जिसे बाद में पूरे ग्रुप ने टेकओवर कर लिया। वहीं फिनिक्स सिटी रितेश अजमेरा की है। इसके अलावा इस ग्रुप का करीब 20 शहरों के साथ विदेश में भी कामकाज पसरा हुआ है। सभी जगह आयकर विभाग ने एक साथ दबिश दी है।
चिराग शाह का भाई आनंद शाह फरार
चिराग रीयल इस्टेट सहित अन्य कई ग्रुप से जुड़े चिराग शाह के घर पुलिस पहले भी छापा मार चुकी है। चिराग शाह का भाई आनंद शाह दागी नवभारत गृहनिर्माण संस्था का अध्यक्ष है और फिलहार फरार है। चिराग शाह देवी अहिल्या संस्था के मामले में फंसे बिल्डर और ब्रोकर दीपक जैन उर्फ दीपक मद्दा उर्फ दिलीप सिसौदिया से भी जुड़ा हुआ है।
दुबई से हवाला
सूत्रों के मुताबिक रितेश व निलेश अजमेरा, चिराग शाह, वीरेंद्र चौधरी और अरुण डागरिया सहित इस समूह से जुड़े बिल्डर्स के दस्तावेजों से खुलासा होता है कि दुबई से हवाला के जरिए आने वाला पैसा इंदौर, भोपाल, उज्जैन, मुंबई सहित अन्य शहरों में निवेश किया जा रहा था। इसके अलावा इन कारोबारियों ने कई फर्जी कंपनियां भी बना रखी हैं।
अभी कुछ नहीं कह सकता
आपके सहित चार ग्रुप पर आयकर का छापा पड़ा है, हवाला कारोबार, करोड़ों की प्रॉपर्टी और नकद डीलिंग की बात सामने आ रही है?
अभी मेरे घर सर्च चल रही है, कुछ नहीं कह पाऊंगा।
दस्तावेजों में जमीन कारोबारी बॉबी छाबड़ा भी एक डायरेक्टर के रूप में सामने आ रहे हैं?
नहीं, बॉबी छाबड़ा का हमारे ग्रुप से कोई सरोकार नहीं है। वह हमारी किसी भी कंपनी में डायरेक्टर नहीं है।
रितेश अजमेरा, सैटेलाइट ग्रुप (भास्कर से सीधी बात, समूह के अन्य डायरेक्टर उपलब्ध नहीं हुए)










