जीएनडीयू में आग पर रहस्य बरकरार
अमृतसर. जीएनडीयू के माइक्रो बायॉलोजी विभाग के परचेजिंग सैक्शन में आगजनी लगभग तीन माह बाद भी रहस्य बनी हुई है। आग कैसे लगी इसे लेकर माहिर भी असमंजस में हैं। वीरवार को एक बार फिर पटियाला से फोरेंसिक लैब की टीम ने यहां का दौरा किया। दूसरी तरफ यह भी माना जा रहा है कि कहीं यह रहस्य रहस्य ही न रह जाए।
25 अक्तूबर को माइक्रो बायॉलोजी विभाग के परचेजिंग सैक्शन में विभाग बंद होने के बावजूद आग लग गई थी। इसे बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। उस दौरान फायर कर्मियों का भी कहना था कि इस तरीके से आग लगते उन्होंने कभी नहीं देखी। इसी तरह यूनिवर्सिटी के इलैक्ट्रीशियनों ने भी क्लीयर किया था कि आग शार्ट सर्किट से नहीं लगी।
इसके बाद मामले को पटियाला की फोरैंसिक लैब भेज दिया गया। वहां से दो बार टीम दौरा कर चुकी है, लेकिन फिर भी रिपोर्ट नहीं दे सकी। ज्ञात रहे कि इस सैक्शन में केंद्र सरकार के करीब तीन करोड़ के प्रोजैक्ट्स की फाइलें रखी हुई थीं और ये सभी राख हो गई हैं। इस बात को लेकर कैंपस में खास चर्चा रही कि कहीं इसमें गड़बड़ी तो नहीं हुई, जिसे छुपाने के लिए आग लगाई गई हो।
खैर, हो कुछ भी लेकिन अब इसकी सफाई करनी शुरू कर दी गई है। उधर, मामले की इंक्वायरी कर रहे यूनिवर्सिटी के सुरक्षा अधिकारी आईपीएस एसएस छीना का कहना है कि पटियाला से आई टीम ने सफाई करने को कहा है। लैब की रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।










