स्टे के बावजूद रिलीज हो गई चीनी
अमृतसर. जब्त की गई हजारों क्विंटल चीनी प्रकरण में दो दिन पहले जिला प्रशासन की हुई कानूनी जीत के बाद इस मामले में उस समय नया मोड़ आया, जब हाईकोर्ट ने नीलाम की गई चीनी रिलीज करने पर 26 नवंबर तक स्टे जारी कर दिया। बावजूद इसके वीरवार को जिला प्रशासन ने करीब चार हजार क्विंटल चीनी खरीददारों को रिलीज भी कर दी।
पूछे जाने पर डिप्टी कमिश्नर काहन सिंह पन्नू का कहना था कि हाईकोर्ट के स्टे आर्डर की उन्हे कोई जानकारी नहीं है और न ही ऐसा कोई आदेश उन तक पहुंचा है। उल्लेखनीय है कि 17 नवंबर को जिला एवं सैशन जज भूपिन्द्र सिंह की अदालत ने पटीशनर (व्यापारी) की याचिका को खारिज कर दिया था।
लड़ी जाएगी कानूनी लड़ाई
पटीशनर के स्थानीय एडवोकेट मनीष कुमार बजाज ने बताया कि सैशन कोर्ट के आदेश के खिलाफ आज सुबह ही हाईकोर्ट के एडवोकेट जगमोहन बांसल ने पटीशनर की तरफ से हाईकोर्ट में अपील दायर की थी, जिसकी उसी दिन सुनवाई शुरू करते हुए हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश बिंदल ने चीनी को रिलीज करने पर 26 नवंबर तक स्टे जारी करते हुए जिला प्रशासन को नोटिस भी जारी कर दिया है।
उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किलों द्वारा जानकारी देने के बावजूद जिला प्रशासन ने उनकी जब्त चीनी की कई बोरियां रिलीज करवा दी हैं। बजाज ने कहा कि इस संबंध में भी हर कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। पटीशनर पक्ष ने कहा कि डीसी सैशन कोर्ट के फैसले को जनता की जीत बता रहे हैं, लेकिन इससे चंद लोगों को ही फायदा मिलने वाला है। जिन्होंने 23 से 28 रुपए किलो तक चीनी खरीदी है, वे इसे बेच कर मोटी कमाई करेंगे।
धन्यवाद पत्र मिले
डीसी पन्नू का कहना है कि कई एसोसिएशनों ने उन्हें धन्यवाद पत्र भेजे हैं। शुगर एसो. प्रधान ब्रिज मोहन अरोड़ा और उप प्रधान जतिंदर सिंह ने जिला प्रशासन के कदम को उचित बताया है क्योंकि इससे चीनी की कीमतें बाजार में तीन से चार रुपए तक कम हुई हैं।










