कस्टम वाले नहीं पकड़ पाए दो किलो हैरोइन
अमृतसर. कस्टम विभाग के कैंपस से बुधवार देर शाम दो किलो हैरोइन की बरामदगी ने खुफिया एजैंसियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। दस करोड़ की हैरोइन एक साल तक कस्टम के स्थानीय स्टोर में पड़ी रही, लेकिन किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। स्थिति उस समय साफ हुई जब दिल्ली से पहुंची गृह मंत्रालय की टीम ने स्टोर रूम का सामान चैक किया।
पता चला है कि सितंबर 08 में समझौता एक्सप्रैस में भारत पहुंची पाक नागरिक हजारा बेगम से कस्टम ने अटारी रेलवे स्टेशन पर दस लाख की जाली भारतीय करंसी बरामद की थी। बाद में उसे जेल भेज दिया गया, लेकिन उसका सामान तभी से कस्टम के कब्जे में था। सामान के साथ पड़े टिफिन में लगभग 2 किलो हैरोइन भी थी।
अगर कस्टम को इसका पता नहीं था तो साफ है कि चैकिंग में कोताही बरती गई। यह भी संदेह है कि किसी ने जानबूझ कर तो छुपा कर नहीं रखा था। ऐसे में अगर गृह मंत्रालय को मामले की भनक न लगती तो हैरोइन की यह खेप बिना ट्रेस हुए रह जाती। यही नहीं मंत्रालय की टीम को भी इसे बरामद करने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।
बरामद हैरोइन बड़ी होशियारी से टिफिन में छुपाई गई थी। इसे आसानी से पकड़ना मुश्किल था। विभाग ने अदालत से आज्ञा लेने के बाद इसे बरामद किया है। - रणजीत सिंह, कस्टम कमिश्नर










