थियेटर से मरीज को बैरंग लौटाया
जोधपुर. एमजीएच में भर्ती बीपीएल श्रेणी के मरीज को दो बार ऑपरेशन के लिए बुलाया गया और दोनों बार ऑपरेशन टाल दिया गया। एक बार तो थियेटर से भी बैरंग लौटा दिया गया। इंप्लांट की कमी के चलते उसे यह परेशानी झेलनी पड़ी।
मामला मेड़तारोड (नागौर) निवासी पूसाराम (65) से जुड़ा हुआ है। उसके कूल्हे की हड्डी खराब होने से वह चलने फिरने में असमर्थ है। उसके पूरे हिप का रिप्लेसमेंट होना है। इसके लिए वह बीते दो माह में चार बार ऑर्थोपेडिक विभाग में भर्ती हो चुका है।
हर बार इंप्लांट के अभाव में बिना ऑपरेशन घर भेज दिया जाता है। दीपावली से पहले उसे छुट्टी देते समय कहा गया था कि इस बार उसका ऑपरेशन हो जाएगा। नवंबर की शुरुआत में वह चौथी बार भर्ती हुआ, लेकिन तब तक इंप्लांट खरीद की प्रक्रिया कागजों में रही। स्थानीय स्तर पर खरीद के साथ ओपन टेंडर को लेकर अस्पताल प्रबंधन व लेखा विभाग के बीच फाइलें घूमती रहीं।
अजूराम भी रहा भुक्तभोगी
अस्पताल में बीपीएल मरीजों के साथ होने वाली अनदेखी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी अक्टूबर में लोहावट पंचायत समिति के ढलाणा गांव निवासी अजूराम भील (55) का हाथ थ्रेसर की चपेट में आ गया था। इसके चलते उसकी हड्डी टूट गई। डॉक्टर्स ने रॉड लगाने की आवश्यकता जताई, लेकिन रॉड उपलब्ध नहीं हुई। सादा प्लास्टर में ही परिजन उसे लेकर निजी अस्पताल चले गए।










