संसद में 7 भाषाओं की अनुवाद की सुविधा नहीं
नई दिल्ली. लोकसभा में कोई भी सदस्य उन 22 भारतीय भाषाओं में बोल सकता है जो देश के संविधान की 8 वीं अनुसूची में शामिल हैं, लेकिन 7 भाषाएं ऐसी हैं जिन्हें वह तत्काल हिंदी अथवा अंग्रेजी में समझा नहीं सकता।
लोकसभा बुलेटिन के अनुसार इन सात भाषाओं से हिंदी व अंग्रेजी में अनुवाद की व्यवस्था नहीं है। इसके लिए कम से कम आधा घंटे का नोटिस देना जरूरी है। इन भाषाओं में गुजराती, ¨सधी, संथाली, डोगरी, बोडो, कोंकणी तथा कश्मीरी शामिल है। वैसे, इन भाषाओं के अनुवादकों की नियुक्ति के प्रयास किए जा रहे हैं।



