नई यूनिफॉर्म में स्कूल जाएंगी छात्राएं
बीकानेर. प्रदेश में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली एक लाख से अधिक छात्राओं को निशुल्क यूनिफॉर्म मिलेगी। राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों में बालिकाओं का नामांकन और ठहराव बढ़ाने के लिए यह योजना लागू की है। राजस्थान प्रारंभिक शिक्षा परिषद ने सर्व शिक्षा अभियान की वार्षिक कार्य योजना के तहत इसकी स्वीकृति जारी कर दी है। निकाय चुनाव के बाद प्रारंभिक शिक्षा विभाग में स्कूलवार छात्राओं को यूनिफॉर्म देने का काम शुरू होगा।
भारत सरकार ने सर्व शिक्षा अभियान की कार्य योजना एवं बजट का अनुमोदन नई दिल्ली में हुई पीएबी बैठक में किया था। प्रदेश के 33 में से 31 जिलों की कक्षा छठी और सातवीं की एक लाख सात हजार 332 छात्राओं को यूनिफॉर्म देने के लिए दो करोड़ 68 लाख 33 हजार रुपए का बजट आबंटित किया गया है। यूनिफॉर्म सामान्य, ओबीसी, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग की बालिकाओं को मिलेगी। अधिकांश जिलों में कक्षा छह की बालिकाओं को ही यूनिफॉर्म मिलेगी। 11 जिलों में कक्षा सात की कुछ बालिकाओं को भी शामिल किया गया है।
परिषद आयुक्त ने इस संबंध में सभी जिलों में एसएसए के प्रभारियों को आदेश जारी किए हैं। यूनिफॉर्म की अधिकतम लागत प्रति यूनिट 250 रुपए आंकी गई है। बालिकाओं की संख्या के हिसाब से यह रकम स्कूल के एसडीएमसी खाते में जमा करवाई जाएगी। यूनिफॉर्म की खरीद एसडीएमसी के माध्यम से ही होगी। बालिकाओं के सही नाप, कपड़े की गुणवत्ता एवं सिलाई की जिम्मेवारी एसडीएमसी पर भी डाली गई है। बीकानेर के डूंगरगढ़, कोलायत और नोखा ब्लॉक में छठी कक्षा में पढ़ने वाली एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग की 5078 छात्राओं को यूनिफॉर्म मिलेगी। इसके लिए जिले को 12 लाख 70 हजार रुपए का बजट दिया गया है।
वंचित रहेंगी काफी छात्राएं
सरकारी स्कूलों की कक्षा छह में पढ़ने वाली काफी छात्राओं को यूनिफॉर्म से वंचित रहना होगा। प्रारंभिक शिक्षा परिषद ने गत वर्ष पांचवीं कक्षा के नामांकन को आधार मानकर लक्ष्य निर्धारित किया है। इस वर्ष छठी कक्षा में नव प्रवेश लेने वाली छात्राओं को इसका लाभ नहीं मिल सकेगा। जिलों को ब्लॉकवार लक्ष्य दिए गए हैं। जिन जिलों में तीन ब्लॉक में ही संख्या पूरी हो गई तो अन्य ब्लॉक की बालिकाओं को वंचित रहना होगा। अलवर और भरतपुर जिलों को इस योजना में शामिल नहीं किया गया है।










