गन्ना किसानों ने थामी रफ्तार
नई दिल्ली. गुरुवार को दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस में प्रवेश करने व उसके इर्द-गिर्द लगभग तीन किलोमीटर के दायरे से गुजरना बेहद परेशानी भरा रहा। सुबह होते ही राजधानी वासियों को जाम से दो चार होना पड़ा।
इसके मुख्य कारण पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जन्मदिन, किसानों का संसद घेराव व व्यापार मेले में आम लोगों के लिए पहला दिन रहे। इन तीनों वजहों से कनॉट प्लेस, राजघाट, आईटीओ व मध्य दिल्ली के इलाके प्रमुख रूप से प्रभावित रहे। इससे आम लोग न तो वक्त पर दफ्तर पहुंच पाए और न ही इलाज के मरीज ही अस्पताल पहुंच सके। जाम का यह हाल देर शाम तक बना रहा। ऐसा लग रहा था कि दिल्ली के दिल की धड़कन रुक सी गई है।
गन्ने के समर्थन मूल्य में वृद्धि की मांग को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों ने गुरुवार को संसद घेराव का आह्वान किया था। इस सिलसिले में सैकड़ों किसान देर रात ही जंतर-मंतर पहुंच चुके थे और हजारों की संख्या में किसान सुबह के समय बसों व गाड़ियों से रामलीला मैदान में एकत्र हुए।
इससे पहले इंदिरा गांधी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री, सोनिया गांधी आदि वीवीआईपी लोगों ने सुबह-सुबह एकता स्थल पर पहुंच कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। इसके चलते वीआईपी मूवमेंट के लिए रूट की वजह से राजघाट पर आम यातायात को पहले से ही रोक दिया गया था।
इसमें रुकने वाले लोगों में किसानों का बेड़ा भी शामिल था। जिन्हें पुलिस ने किसी तरह से काबू में कर रखा था। रूट हटते ही बेड़ा दनदनाता हुआ रामलीला मैदान पहुंचा। बसें व अन्य वाहन गलत तरह से यहां वहां खड़ी करने से लोगों के लिए परेशानी पैदा हो गई।
इस वजह से आईटीओ, दिल्ली गेट और रिंग रोड पर भारी जाम लग गया। लोग घंटों जाम में फंसे रहे। हालांकि यातायात पुलिस की ओर से जाम से बचने के लिए पूरी व्यवस्था की गई थी। पुलिस की ओर से दिशानिर्देश भी जारी किए गए थे लेकिन दक्षिण दिल्ली से कश्मीरी गेट की ओर जाने वाले वाहन चालकों को भारी जाम से दो चार होना ही पड़ा।
राजघाट, टॉल्सटॉय रोड, भैरों रोड, अशोका रोड पर घंटों वाहन रेंगते ही रहे। जब किसानों की रैली रामलीला मैदान से जंतर मंतर पहुंची तो पूरे कनॉट प्लेस की रफ्तार थम गई। बाराखंभा रोड, जनपथ से कनॉट प्लेस जाने वाले वाहन चालक रेड लाइट पर ही फंसे रह गए।
जब यातायात खोला गया तो पूरे आउटर सार्किल पर भारी जाम लग गया। गाड़ियां रेंगती रहीं। जहां एक ओर कनॉट प्लेस से आने वाले लोगों को सड़क जाम से दो चार होना पड़ा, वहीं कानॉट प्लेस से करोल बाग की ओर जाने वालों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हाल शाम लगभग छह बजे तक रहा। पूरे कनॉट प्लेस और उसके आसपास की सड़कों पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमारा गई।
उधर आम जनता के लिए गुरुवार से शुरू हुए व्यापार मेले के कारण भी आईटीओ और मथुरा रोड की ओर जाने वाले रास्ते पर भी यही हाल रहा। जवाहरलाल नेहरू मार्ग, आईटीओ, केजीमार्ग, जनपथ, रंजीत सिंह मार्ग, टाल्सटॉय मार्ग व मंडी हाउस के आसपास के इलाके सबसे अधिक प्रभावित रहे।
यमुनापार के विकास मार्ग व एनएच-24 पर भी भारी जाम की समस्या रही। यह मार्ग पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर से आने वाले किसानों के कारण प्रभावित रहे। गाजीपुर, विनोद नगर, विजयनगर रेड लाइट, आनंद विहार चौराहा और सीमापुरी मोड़ पर भी घंटों जाम लगा रहा। शाम के समय यमुनापार का हाल सबसे च्यादा बुरा रहा क्योंकि किसानों से भरी सारी बसें व गाड़ियां उसी रास्ते से लौटी। जिस कारण रात तक यमुनापार के मुख्य मार्गो पर यातायात रेंगता रहा।










