घर तोड़ने का मामला निराकृत करने आदेश
बिलासपुर. हाईकोर्ट ने सड़क के लिए घर तोड़ने के मामले को निराकृत करने का आदेश दिया है। इसके लिए नेशनल हाइवे विभाग को छह सप्ताह का समय दिया गया है। कवर्धा निवासी वकील जीपी अवस्थी का मुख्य मार्ग पर घर था। वर्ष 2006 में नेशनल हाइवे विभाग ने राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के दौरान उनका घर नगरपालिका के माध्यम से तुड़वा दिया।
इसके खिलाफ श्री अवस्थी ने वकील राकेश पांडे के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि घर तोड़ने के पहले उन्हें सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया और न ही किसी प्रक्रिया का पालन नगरपालिका और नेशनल हाइवे विभाग ने किया। नगरपालिका ने दूसरे और लोगों के घर भी तोड़े थे जिसके एवज में उन्हें क्षतिपूर्ति दे दी गई लेकिन उन्हें क्षतिपूर्ति भी नहीं मिली।
उन्होंने 23 लाख 10 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति मांगी थी। सुनवाई के बाद जस्टिस धीरेंद्र मिश्रा की सिंगल बेंच ने आदेश दिया कि याचिकाकर्ता राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग कवर्धा के समक्ष 10 दिन में रिप्रजेंटेशन दे और विभाग छह सप्ताह में इसका निराकरण कर आदेश पारित करे।










