फेसबुक से बिकती थी दक्षिण दिल्ली में शराब
नई दिल्ली. सोशल नेटवर्किग साइट फेसबुक केवल दोस्त बनने-बनाने का जरिए नहीं बल्कि इससे बढ़कर कुछ और बनती जा रही है। दिल्ली सरकार के आबकारी खुफिया ब्यूरो ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो सोशल नेटवर्किग साइट के जरिए घरों व पार्टियों तक महंगी शराब पहुंचाने का काम करता था।
अभी तक देश में यह इस तरह का पहला मामला है, जहां सोशल नेटवर्किग साईट का इस्तेमाल नशीले पदार्थ बेचने व खरीदने के लिए किया जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, आबकारी विभाग ने तीन युवकों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से अवैध शराब जब्त की।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान ओखला निवासी मनोज गुप्ता, तुगलकाबाद में रहने वाले रवींद्र सिंह व मालवीय नगर निवासी विनसेंट नाथन के रूप में की गई है। साइट से भेजे गए संदेश में बताया गया था कि पार्टी या निजी इस्तेमाल के लिए ये लोग किसी भी समय व स्थान स्कॉच आदि शराब उपलब्ध करा सकते हैं।
अब तक सामने आई यह अनोखी कम्युनिटी थी। कई लोगों ने इनसे संपर्क करना शुरू किया और देखते ही देखते दक्षिण दिल्ली के कई हिस्सों में इनका जाल फैल गया। खास बात यह है कि बड़ी तादाद में रोज शराब बिकने लगी, लेकिन इसके लिए सरकार से न तो अनुमति ली गई, न ही कोई लाइसेंस मांगा गया।
आबकारी विभाग के एसीपी नोरबू शेरिंग ने इस गैंग की खबर मिलने पर इंसपेक्टर खत्री, सब इंसपेक्टर अनिल व कुलदीप को लेकर तुंरत एक खास टीम बनाई। आबकारी विभाग की इस टीम ने सैनिक फार्म, साकेत व वसंत विहार में की गई कई पार्टियों में छापेमारी की। छापों के आधार पर बाद में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने जॉनी वाकर, ब्लैक लेबल, गोल्ड लेबल, ब्लू लेबल, बेलवर्ड वोडका, बैलीज क्रीम, तैकविला, मोएट, जैक डैनियल स्कॉच, ड्रेगन सीन वाइन आदि की २९४ बोतलें जब्त की हैं। आबकारी विभाग ने आरोपियों के कब्जे से एक एस्टीम, इंडिका व अम्बेसडर कार भी जब्त की है। इन कारों का इस्तेमाल शराब की सप्लाई के लिए किया जाता था।
व्हिस्की ऑन व्हील्स कम्युनिटी
तीनों आरोपियों ने फेसबुक पर व्हिस्की ऑन व्हील्स नामक कम्युनिटी बनाई। इस कम्युनिटी में इन लोगों ने अपने मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी व अन्य पते मुहैया करा रखे हैं। फेसबुक इस्तेमाल करने वाले हजारों लोगों को आरोपियों ने अपनी कम्युनिटी का संदेश भेजा।










