निरक्षर महिलाएं भी मैदान में
श्रीगंगानगर. महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘शहर की सरकार’ बनाने में महिलाएं पहली बार आधी भागीदारी निभाने जा रही हैं। नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस ने 25 व भाजपा ने 24 महिलाओं को मैदान में उतारा हैं। जबकि 62 निर्दलीय महिलाएं भी भाग्य अजमा रही हैं।
कुल 255 प्रत्याशियों में से 111महिलाओं को चुनाव मैदान में है। इनमें एक दर्जन अंगूठा छाप निर्दलीय महिलाएं चुनाव लड़ रही हैं। वे शहर की सरकार में विकास एवं ज्वलंत समस्याओं को परिषद की बोर्ड की बैठक में उठा पाएंगी, इसमें संशय है। यह किसी से छिपा नहीं है कि परिषद की अधिकांश बैठकें महज पांच मिनट ही चल पाती हैं।
इसमें शिक्षित एवं जागरूक पार्षद ही शहर, वार्ड की प्रमुख समस्याओं एवं विकास के मुद्दों को उठा पाने में सफल हो पाते हैं। शिक्षा की दृष्टि से कांग्रेस एवं भाजपा ने दसवीं पास 13, ग्यारहवीं एक, बीए तीन, एमएससी एक, बीएससी एक, स्नातकोत्तर चार एवं सात साक्षर महिलाओं को मौका दिया है।
आमतौर पर पुरुषों में महिलाओं के प्रति यह मिथ्या धारणा बनी है कि महिलाएं घूंघट, चूल्हा, चौकी एवं घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर शहर का विकास नहीं करवा सकती। वर्तमान परिषद के बोर्ड में 16 में से महज दो महिलाएं ही सक्रिय रहने से इस धारणा को बल मिलता है।
ये है मुकाबले की स्थिति : वार्ड नंबर 17, 29 व 37 में भाजपा एवं कांग्रेस की महिला प्रत्याशियों में सीधा मुकाबला हो रहा है। वार्ड नंबर 2, 3, 20, 32, 41 में त्रिकोणीय मुकाबला बना हुआ है। वार्ड नंबर पांच, 18, 25, 28 व 31 में चार-चार महिलाएं भाग्य आजमा रही हैं। सात वार्डो में पांच, छह में तीन व एक में सात महिलाओं में रस्सा-कस्सी चल रही है।










