एमबीए में फर्स्ट डिवीजन दिलाता था बारहवीं पास
लुधियाना. वह खुद तो बारहवीं पास है, लेकिन आठ बैंड के साथ आइलेट्स की परीक्षा पास कराने से लेकर एमबीए फर्स्ट डिवीजन की डिग्री उपलब्ध करा देता था। वह यह सब कंप्यूटर की कारीगरी से करता था। गुप्त सूचना के आधार पर सीआईए स्टाफ पुलिस ने बुधवार शाम को उसे धर लिया। आरोपी के कब्जे से कंप्यूटर, लेजर प्रिंटर और कुछ जाली डिग्रियां भी बरामद हुई हैं।
आरोपी का नाम प्रितपाल सिंह है। वह छावनी मोहल्ले का रहने वाला है। उसकी पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के तीन नंबर गेट के पास सनी कंप्यूटर सेंटर के नाम से दुकान है। उसे शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को चार दिन का पुलिस रिमांड दिया है। मामले की जांच कर रहे एएसआई राजेश ठाकुर के अनुसार आरोपी यहां पीएयू या अन्य स्टूडेंट्स के थीसेस या अन्य डाक्युमेंट टाइप करता था।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि थीसेस टाइप करने के बावजूद इतना नहीं कमा पाता था। उसे फर्जी सर्टिफिकेट का धंधा ज्यादा बेहतर लगा। उसने सर्टिफिकेट व डिग्रियां स्कैन करके रखी हुई थीं। वह कंप्यूटर से इसमें हेर फेर करके लेजर प्रिंटर पर प्रिंट निकाल कर नया सर्टिफिकेट तैयार कर लेता था। अपने संपर्को के जरिए वह जरूरतमंदों को ढूंढता और उनकी हैसियत के मुताबिक एक सर्टिफिकेट के पांच से 15 हजार रुपए तक वसूल लेता था।
आरोपी के खिलाफ पहले भी थाना हैबोवाल में मामला दर्ज है। यह मामला जाली ड्राइविंग लाइसेंस व अन्य कागजात तैयार करने का है। आरोपी बारहवीं तक पढ़ा है। इसके बाद उसने कोई कंप्यूटर कोर्स किया था। कंप्यूटर चलाने में वह काफी एक्सपर्ट हो चुका था। डीएसपी (डिटेक्टिव) वरिंदर बराड़ के अनुसार पूछताछ में आरोपी से महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल होंगी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किस किस को डिग्रियां व सर्टिफिकेट बेच चुका है।










