जिले में भंडार, फिर भी पड़ोस से आ रहा गेहूं
फरीदाबाद. जिले में गेहूं का भंडार होने के बाद भी पड़ोसी जिले पलवल से पीडीएस (पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम) के लिए गेहूं की सप्लाई क्यों की जा रही है। इस गेहूं के खराब होने की शिकायतें भी मिल रही हैं। इस सारे प्रकरण में अनुमान यह लगाया जा रहा है कि होडल की सौंध पिलिंथ में खराब गेहूं के स्टाक को निकालने के लिए यहां से सप्लाई तीन जिलों में भेजी जा रही है।
होडल की सौंध पिलिंथ से खराब गेहूं सप्लाई की बात फरीदाबाद और पलवल के डीएफएससी स्वीकार कर चुके हैं। उधर इस गेहूं की सप्लाई को लेकर अधिकारी फूड एंड सप्लाई विभाग के डायरेक्टर व डिप्टी डायरेक्टर के आदेशों में भी उलझे हुए हैं। दोनों बड़े अधिकारियों के आदेश एक-दूसरे के विपरीत हैं। डायरेक्टर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि जब तक संबंधित जिले में गेहूं का स्टाक समाप्त नहीं होता, तब तक दूसरे जिले से गेहूं नहीं लिया जाएगा, लेकिन डिप्टी डायरेक्टर द्वारा भेजे गए आदेश में इस बार पहले फरीदाबाद, पलवल व मेवात में होडल की सौंध पिलिंथ से स्टाक उठाने की बात कही गई है।
सितंबर से लेकर अभी तक तीनों जिलों में सौंध पिलिंथ से ही स्टाक उठाया जा रहा है। तीन माह में कई जगह गेहूंखराब होने की शिकायतें विभाग के कार्यालय पहुंच चुकी हैं, जिनमें फतेहपुर बिल्लौच गांव में खराब गेहूं की सप्लाई की शिकायत भी शामिल है। ऐसे में अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा गरीब जनता को भुगतना पड़ रहा है।
क्या कहते हैं पलवल के डीएफएससी
पलवल के डीएफएससी रामनिवास का इस मामले में कहना है अगर यहां से खराब गेहूं गया है तो वे उसे तुरंत बदलवा देंगे। मेवात, फरीदाबाद व पलवल में पीडीएस के गेहूं की सप्लाई सौंध पिलिंथ से हो रही है। ये आदेश ऊपर से आए हैं।
क्या कहते हैं फरीदाबाद के डीएफएससी
डीएफएससी रामोतार ने बताया कि इस जिले में यहां का गेहूं सप्लाई नहीं हो रहा है,बल्कि होडल की सौंध पिलिन्थ से आ रहा है। उन्होंने खराब गेहूं के सैंपल भरवा लिए हैं और एक इंस्पेक्टर को जांच के लिए भेज दिया है।
क्या कहते हैं कान्फेड के डीएम: डिपो पर पीडीएस का गेहूं सप्लाई करने वाले कान्फेड के डीएम रामधन मेहरा ने बताया कि उनके पास शिकायत आने के बाद इसकी जांच के आदेश दे दिए और वहां जांच अधिकारी भेज दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्या कहती है जनता
फतेहपुर बिल्लौच निवासी विकास, रामप्रकाश, मदनगोपाल और अंगूरी के अनुसार उन्हें कई महीने से यह खराब गेहूं वितरित किया जा रहा है। गेहूं खराब होने के साथ-साथ इसमें बदबू भी आती है। गेहूं ऐसा है कि इसे जानवर भी नहीं खा सकते। जिले के अन्य हिस्सों से भी ऐसी शिकायतें मिली हैं।










