नहीं लागू हो पाया वन वे सिस्टम
हिसार. पारिजात चौक से बालसमंद रोड को वनवे किए जाने की योजना अपने प्रथम चरण में ही सिरे चढ़ती नहीं दिख रही। जिला प्रशासन ने पारिजात चौक पर नाका लगाकर स्थिति को सुधारने के प्रयास किए हैं, लेकिन दुकानदारों के अतिक्रमण तथा अन्य मार्र्गो से भारी वाहनों के प्रवेश के कारण स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है।
विदित है कि पुराने पुल के शहर की तरफ आने वाले मार्ग को दो साल पूर्व भारी वाहनों के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था। ऐसे में इन वाहनों को मलिक चौक व पुरानी अनाज मंडी से होकर निकलने की व्यवस्था की गई थी। इसके चलते इस मार्ग पर वाहनों का दवाब काफी बढ़ गया था। भारी वाहनों के आवागमन के कारण एक तरफ जहां यह मार्ग पूरी तरह से टूट-फूट गया था, वहीं इनके कारण कई बार दुर्घटनाएं भी घटित हो चुकी थी।
इसके विरोध स्वरूप यहां के दुकानदारों ने मंगलवार को आंदोलन करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों से स्थिति को सुधारने की मांग की थी। इसके फलस्वरूप इस मार्ग को वन वे करने, हांसी से आने वाली बसों को बाई पास से निकालने, नो इंट्री टाइम में बस को छोड़कर भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध, दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाने तथा अवैध पार्किग करने वालों पर शिकंजा कसने आदि बातों को तुरंत प्रभाव से लागू करने के दिशा-निर्देश दिए गए थे।
स्थिति है जस की तस
दो दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। हालांकि पुलिस प्रशासन द्वारा परिजात चौक पर नाका लगाते हुए इस मार्ग को वन वे किए जाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन भारी वाहन अन्य मार्र्गो से होते हुए पुन: इस रोड पर आवागमन कर रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तथा मंडी गेट की तरफ से है, जहां से भारी वाहन इस मार्ग पर बिना झिझक के प्रवेश कर जाम की स्थिति पैदा कर रहे हैं।
वहीं हांसी की तरफ से आने वाली बसों पर भी प्रतिबंध नहीं लगाया जा सका है। लगभग सभी बसें इस मार्ग से होकर बस स्टैंड जा रही है। इसके अलावा मलिक चौक की तरफ से ट्रैक्टर-ट्राली व अन्य वाहनों का प्रवेश भी धड़ल्ले से जारी है। इसके चलते यहां के हालात पहले जैसे बने हुए हैं।
अतिक्रमण से सिकुड़ी सड़क
इस मार्ग पर स्थित लगभग सभी दुकानदारों ने सड़क के दोनों ओर तीन से चार फुट तक अतिक्रमण किया हुआ है। जिसके कारण पहले से ही बदहाल यह मार्ग सिकुड़ कर काफी कम रह गया है। जिससे जब भी दो वाहन इकठ्ठे निकलने का प्रयास करते हुए जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। वहीं इस मार्ग पर खड़े बेतरतीब वाहन भी स्थिति को बिगाड़ने की भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि प्रशासन द्वारा इन वाहनों को जब्त करने के लिए क्रैन की व्यवस्था की गई थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई न होने के कारण वाहन चालकों के हौसले बुलंद है।
क्या कहते हैं दुकानदार
इस संबंध में यहां के दुकानदार प्रमोद मित्तल, अंजनी गर्ग, विनोद सिंगल, सुशील सिंगल, सुभाष, राजेश व अजय आदि का कहना है कि परिजात चौक पर नाका लगाने के कारण स्थिति में कुछ सुधार तो हुआ है, लेकिन मंडी के अंदर से आने वाले भारी वाहन, हांसी रूट की बसों के आवागमन तथा दुकानों के बाहर किए गए अतिक्रमण के कारण कई बार जाम जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। उनका कहना है कि अतिक्रमण को लेकर संबंधित दुकानदार से संपर्क कर इसे हटाने की गुजारिश की जा रही है लेकिन लगता है कि इसके लिए प्रशासन को ही प्रबंध करने होंगे, तभी यहां की स्थिति सुधरेगी।
पकड़े जाने पर करेंगे कार्रवाई
इस संबंध में जब यातायात निरीक्षक देवा सिंह से बात की गई तो उनका कहना था कि परिजात चौक पर नाका लगाकर वन-वे प्रणाली लागू कर दी है। अगर कोई वाहन किसी अन्य मार्ग से इस रास्ते पर आता हुआ पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।










