दीवारों पर सजेगीं स्वतंत्रता सेनानियों की तस्वीरें
हिसार. लघु सचिवालय की दीवारों पर जल्द ही जिले के स्वतंत्रता सेनानियों की तस्वीरें दिखाई देंगी। इसके लिए अभिलेखागार विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो अगले सप्ताह में शहर के लोग कई नामचीन और गुमनाम आजादी के रहनुमाओं को बड़ी तस्वीरों में देख सकेंगे।
गौरतलब है कि इस साल की शुरूआत में वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव अभिलेखागार के साथ निदेशकों व सहायक निदेशकों की मीटिंग में प्रत्येक जिले के सार्वजनिक स्थानों पर वहां से जुड़ी ऐतिहासिक इमारतों, दस्तावेजों व महापुरुषों को प्रदर्शित करने का निर्णय लिया था। मार्च में ही हिसार में इस पर पहल शुरू कर दी गई। कई ऐतिहासिक इमारतों के चित्रों व उनसी जुड़ी जानकारियों को लघु सचिवालय के सार्वजनिक महत्व के स्थानों पर प्रदर्शित कर दिया गया। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए हिसार स्थित अभिलेखागार कार्यालय ने जिले के 1857 से लेकर 1947 तक आजादी की लड़ाई लड़ने वाले सेनानियों की तस्वीर प्रदर्शित करने का निर्णय लिया है।
96 सेनानियों को मिलेगी जगह
अभिलेखागार कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के चित्र 6 गुना 4 फुट के बोर्ड पर प्रदर्शित किए जाएंगे। ऐसे प्रत्येक बोर्ड पर कम से कम 24 सेनानियों के चित्र लगेंगे। इस तरह के कुल चार बोर्ड सचिवालय के उन स्थानों पर लगेंगे, जहां लोगों का ज्यादा आना जाना होता है और बोर्ड के लिए पर्याप्त जगह हो। कार्यालय ने ऐसे जगहों का चयन भी करना शुरू कर दिया है। ग्राउंड फ्लोर, फस्र्ट फ्लोर व सेकंड फ्लोर के पास इन बोडरें को जगह दी जाएगी।
दादा गणोशीलाल, बाबू श्यामलाल सत्याग्रही, चांद बाई व देवकुमार जैन सरीखे सेनानियों के चित्र अब चंद स्थानों के अलावा लघु सचिवालय में आने वाले लोगों के लिए भी उपलब्ध होंगे। इसके अलावा नेताजी के उस दुर्लभ तस्वीर को भी लोग देख सकेंगे, जो 1938 में हिसार स्थित सात रोड़ में उनके आगमन पर ली गई थी। लघु सचिवालय में तय स्थानों पर प्राचीन इमारतों के दुर्लभ दस्तावेज, उन इमारतों के चित्र के साथ बोडरें पर लगाए जाएंगे। इसके लिए भी एक 6 गुना 4 फुट का बोर्ड लगाया जाएगा।










