Danik Bhaskar Logo
| 27 Editions | 9 States

Investor
Friday, Nov 20th, 2009, 8:11 am [IST]  

danik bhaskarहड़ताल की तो मुश्किल में नौकरी

मनुपाल शर्मा

जालंधर. पंजाब रोडवेज प्रबंधन ने मुलाजिमों को हड़ताल में शामिल होने पर वेतन काटने और ब्रेक इन सर्विस के लिए चेताया है। डायरैक्टर स्टेट ट्रांसपोर्ट-कम-एमडी पनबस मंदीप सिंह की तरफ से भेजे नोटिस को डिपो की दीवारों पर मुलाजिमों के लिए प्रदर्शित करने और हड़ताल संबंधी डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट एवं एसएसपी को भी सूचित करने के लिए लिखा गया है।



वहीं, पंजाब रोडवेज जालंधर के दोनों डिपुओं (1 एवं 2) में नोटिस लगा दिए हैं। दैनिक भास्कर से मुखातिब डायरैक्टर मंदीप सिंह ने कहा है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय भी हड़ताल को अवैध ठहरा चुका है और रोडवेज मुलाजिमों के हड़ताल पर जाने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।



डायरैक्टर ने कहा कि रोडवेज की विभिन्न मुलाजिम यूनियनों की मांग के अनुरूप पिछले दो वर्षो के दौरान तरस के आधार पर सैकड़ों नौकरियां प्रदान की गईं, मुलाजिमों को पदोन्नति दी गई और रोडवेज के फ्लीट में नई बसें भी शामिल करने की प्रक्रिया शुरू हुई।



मुलाजिम संगठन ठेकेदारी सिस्टम का विरोध कर रहे हैं, तो यह सरकार की पॉलिसी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब हड़ताल सहन नहीं होगी और रोडवेज के प्रत्येक मुलाजिम की दैनिक कारगुजारी का बारीकी से आंकलन किया जएगा।



मंत्री के आदेश का विरोध



पंजाब गवर्नमैंट ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन ने वीरवार को परिवहन मंत्री के साथ र्दुव्‍यवहार करने वाले दो मुलाजिमों को सस्पैंड करने का विरोध किया। डिपो नंबर-एक के जनरल मैनेजर (जीएम) के कार्यालय के समक्ष धरना दिया गया।



संगठन सचिव अवतार सिंह तारी ने कहा कि 17 नवंबर को परिवहन मंत्री अचानक बस स्टैंड पर आए तो यूनियन नेताओं ने नाजायज ऑपरेशन संबंधी बात करने का समय मांगा तो मंत्री ने इंकार कर दिया और यूनियन नेताओं के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के आदेश जारी कर दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सस्पैंशन के निर्देश वापस न हुए तो पंजाब भर में एक्शन होगा। जानकारी अनुसार, मुलाजिमों की 8 दिसंबर की हड़ताल के मद्देनजर निर्देश जारी किए गए हैं।

  share
apne vichaar
post a comment
name:
email:
select your language:     Hindi Roman     Hindi Phonetic     English
comment:
code: