Friday, Nov 20th, 2009, 8:23 am [IST]  

danik bhaskar7 और स्वाइन फ्लू पॉजिटिव

Bhaskar News

सीकर. शेखावाटी में गुरुवार को स्वाइन फ्लू के सात और मामले सामने आए। इनमें जोधपुर में तैनात झुंझुनूं के किठाना का रहने वाला रेजिडेंट डॉक्टर भी है। पीड़ितों में चार सीकर, दो चूरू, एक लाडनूं व एक झुंझुनूं का रहने वाला है। स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के तौर पर घर जाकर परिजनों को सर्तकता बरतने की सलाह दी है।



सीएमएचओ डा. आरके मीणा ने बताया कि चौदह वर्षीय वीरेंद्र पुत्र रामसिंह कांटिया बाय (दांतारामगढ़) का रहने वाला है, जो सीकर शहर के सीकर विद्यापीठ में कक्षा दस का छात्र है। तीन नवंबर को वह परिवार में शादी की वजह से स्कूल हॉस्टल से छुट्टी पर गांव गया था। वहां तबीयत बिगड़ने पर परिजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के बाद जयपुर लेकर गए।



गुरुवार को मुख्यालय से जानकारी आई कि वह स्वाइन फ्लू पॉजिटिव है। हलांकि छात्र फिलहाल स्वस्थ है। घर पर मेडिकल टीम भेज दी गई है। दूसरा बच्चा तीन साल का हिमांशु पुत्र हनुमानसिंह है, जो शहर के वार्ड संख्या 40 की न्यू जवान कॉलोनी का रहने वाला है।



परिजन तबीयत बिगड़ने पर सीधे ही उसे जयपुर लेकर गए थे, जहां जांच में वह पॉजिटिव मिला है। खंडेला में भी दो बच्चे स्वाइन पाजिटिव मिले हैं। दस वर्षीय शेख मोहम्मद का श्रीमाधोपुर क्षेत्र का रहने वाला है, जिसका खंडेला ननिहाल है।



पिछले दिनों वह नानी के हज पर जाने के दौरान परिजनों के साथ जयपुर गया था। रास्ते में उसे बुखार आने पर जयपुर में जांच कराई, जिसे स्वाइन फ्लू मिला। खंडेला की 12 वर्षीय जीतू पुत्री प्रभात बलाई को जयपुर में जांच के दौरान स्वाइन फ्लू पाजीटिव पाया गया है।



फिलहाल सभी पीड़ित स्वस्थ हैं। इसके अलावा एसके अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में तेरह वर्षीय बच्चे का इलाज चल रहा है। फिजिशियन डा. देवेंद्र दाधीच ने बताया कि मुकेश पुत्र रणवीरसिंह निवासी चाचीवाद को मामूली बुखार है, जिसका इलाज चल रहा है।



वहीं रींगस के धायल अस्पताल में सुबह जांच के लिए दो बच्चों को जयपुर रैफर किया है। अरणियां व रींगस के रहने वाले दोनों बच्चों को स्वाइन फ्लू आशंकित मानकर जयपुर भेजा है।



इधर, लाडनूं में पीहर आई नरसा बानो पत्नी वसीम निवासी डीडवाना को स्वाइन फ्लू मिला है। दस पहले वह लाडनूं आई थी। वापस घर लौटने के बाद तबीयत खराब होने पर दो दिन राजकीय बांगड़ अस्पताल में महिला का इलाज किया गया। स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर बानो को सीकर रैफर कर दिया गया। मगर छह घंटे के बाद उसे बुधवार को जयपुर रैफर कर दिया गया।




घर लौटते वक्त डॉक्टर को फोन आया आपको स्वाइन फ्लू
झुंझुनूं. सीएमएचओ डॉ. आरबीसिंह ने बताया कि 27 वर्षीय डॉ. सुरेद्र पुत्र श्रीराम जांगिड़ जोधपुर के एसएन कॉलेज से पीजी कर रहे हैं। सर्जरी वार्ड में काम करते वक्त उन्होंने सतर्कता के लिहाज से वहीं स्वाइन फ्लू की जांच के लिए ब्लड सैंपल दे दिया था।



जबकि तब तक जुकाम-बुखार जैसे स्वाइन फ्लू के कोई लक्षण नजर नहीं आ रहे थे, मगर जांच में रिपोर्ट स्वाइन फ्लू पॉजीटिव निकली। वे गुरुवार को जोधपुर से बाइक पर झुंझुनूं अपने गांव लौट रहे थे, रास्ते में उन्हें स्वाइन फ्लू होने की रिपोर्ट का पता चला।



वे गांव जाने की बजाए चिड़ावा में डॉक्टर कर्णसिंह के पास पहुंचे, जहां उन्हें टेमीफ्लू की दवा दी गई। वहां से वे अपने घर चले गए। शुक्रवार को जयपुर जाने की बात है।

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