‘नपुंसक’ व ‘शिल्पी की आत्मकथा’ नाटक का मंचन
अलवर. देश में परमाणु संधि के करार पर करारा प्रहार करता असम के नायिका ग्रुप का नाटक ‘नपुंसक’ दर्शकों के दिल को छू गया।
अरावली आर्टिस्ट अकादमी अलवर की ओर से ओसवाल स्कूल में चल रही राष्ट्रीय नाटक प्रतियोगिता के दूसरे दिन गुरुवार को मंचित इस नाटक में देश की वर्तमान राजनीति पर प्रहार करते हुए तीखा व्यंग्य किया गया कि महाभारत काल से अबतक किस तरह शासकों ने देश की जनता को गुमराह कर ऐसे निर्णय लिए जो देश व समाज के हित में नहीं रहे। नाटक का निर्देशन सुष्मिता राणा ने किया। नाटक लेखक भी इसी दल के सुशील महापात्र रहे।
इसके अलावा असम की तक्षशिला की टीम ने ‘शिल्पी की आत्मकथा’ नाटक प्रस्तुत किया। इसमें एक शिल्पी के सामाजिक सम्मान व घरेलू जीवन के बारे में बताया गया। मंचित नाटकों में खास बात रही कि असम के कलाकारों ने हिंदी भाषा में ही संवाद किया।










