Friday, Nov 20th, 2009, 8:53 am [IST]  

danik bhaskarयूनिवर्सिटी-कॉलेजों ने भेजे प्रस्ताव

भास्कर न्यूज

अजमेर. सेंट्रल यूनिवर्सिटी की जमीन तलाशने के लिए आए दल के बाद जिले की कई संस्थाओं में अस्थायी दावेदारी पेश करने की होड़ शुरू हो गई है। शहर की कई शैक्षणिक संस्थाओंे ने अपने परिसर में अस्थायी रूप से यूनिवर्सिटी का संचालन करने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजे हैं। इसमें एमडीएस यूनिवर्सिटी, जीसीए डीएवी कॉलेज और पंचायत प्रशिक्षण भवन शामिल हैं।



सेंट्रल यूनिवर्सिटी के संचालन के लिए टीम ने वैकल्पिक व्यवस्था तलाशने के भी प्रयास किए थे। इसके लिए रीजनल कॉलेज को आदर्श माना गया था। कलेक्टर राजेश यादव ने यूनिवर्सिटी के अस्थायी संचालन के लिए सरकार को भेजे प्रस्ताव में पंचायत प्रशिक्षण भवन का नाम सुझाया है।



इधर देश के सबसे पुराने कॉलेजों में शामिल जीसीए ने भी अपनी दावेदारी पेश की है। जीसीए प्रशासन ने प्रस्ताव मंगलवार को सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कुलपति एमएम सालुंके को फैक्स किया था। प्रशासन ने यूनिवर्सिटी की क्लासों के लिए प्राचार्य और उपाचार्य के खाली पड़े भवनांे को पर्याप्त बताया है।



प्रस्ताव में कहा गया है कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी की अस्थायी कक्षाएं शुरू करने के लिए जीसीए परिसर में पर्याप्त व्यवस्थाएं हैं। यहां कक्षाओं के लिए प्राचार्य के आवास में 6 और उपाचार्य के बंगले में 4 कमरे मौजूद हैं।



इसके अलावा गल्र्स हॉस्टल में भी पर्याप्त व्यवस्थाएं मौजूद हैं। यहां 28 कमरे खाली हैं। डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया कि लाइब्रेरी और लैब के लिए भी पुख्ता व्यवस्था करने के लिए कॉलेज प्रशासन तैयार है। हमने प्रस्ताव भेज दिया है। और विश्वास दिलाया है कि जीसीए में सेंट्रल यूनिवर्सिटी की वैकल्पिक कक्षाएं शुरू की जा सकती है।



इसके अलावा डीएवी कॉलेज प्रशासन ने भी अपने यहां पर्याप्त व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए प्रस्ताव भेजा हैं। डीएवी कॉलेज के प्राचार्य की ओर से राज्य सरकार, मानव विकास संसाधन विकास मंत्रालय और कुलपति सालुंखे को प्रस्ताव भेजा गया है। इधर एमडीएस यूनिवर्सिटी प्रशासन ने तीन माह पूर्व ही सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री सचिन पायलट के कहने पर अपने यहां इसकी संभावना जताई थी।



इसके लिए पायलट ने कुलपति भगीरथ सिंह से प्रस्ताव देने के लिए कहा था। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने प्रस्ताव बनाकर पायलट को सौंप दिया था। इसके कुछ दिनों बाद कुलपति भगीरथ सिंह सांसद पायलट के साथ खुद ही दिल्ली पहुंच गए थे। फिलहाल इन प्रस्तावों से एक बार फिर सेंट्रल यूनिवर्सिटी अजमेर में खुलने की संभावनाओं को बल मिला है।

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