पुलिस से प्रताड़ित वकील ने की आत्महत्या
भीलवाड़ा. दो दिन पूर्व पुलिस पर थाने बुलाकर बाल कटवाने के आरोप लगाने वाले वकील अमित यादव ने घर में फांसी लगा आत्महत्या कर ली। उस वक्त पत्नी बच्चों को स्कूल छोड़ने गई थी। आक्रोशित वकीलों ने सात घंटे तक फंदे से लाश तक नहीं उतारने दी। टायर जला पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी व प्रदर्शन किया। आईजी आरपी सिंह ने जांच अजमेर के एडिशनल एसपी एसके सिंह को सौंपी है। कोटा रोड पर सांगानेर कालोनी में रहने वाले वकील अमित की पत्नी लक्ष्मी सुबह लगभग 9:30 बजे बच्चों को स्कूल छोड़ने गई। वह 10 बजे जब लौटी तो पति अमित कमरे में पंखे पर झूलता हुआ मिला। उसने साड़ी से फंदा बनाया था। यह देख पत्नी बेहोश हो गई। उसे तुरंत महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
यह खबर मिलते ही वकीलों में आक्रोश फैल गया। वे मृतक के घर एकत्र हो गए। उन्होंने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कोटा रोड पर टायर जला प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। गुस्साए वकीलों ने एडीएम पुखराज सेन, सिटी कोतवाल राहुल जोशी, डीएसपी सदर रामकुमार कस्वां को मृतक के घर में जाने से रोकते हुए धक्का-मुक्की की।
नहीं हुआ समझोता
वकील सुभाषनगर थाना प्रभारी सीआई ओमप्रकाश वर्मा, थानेदार किशन सिंह, सिपाही राजेश, मोतीराम व भूपेन्द्र की गिरफ्तारी, एसपी पी.रामजी को हटाने, मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी व 15 लाख रुपए मुआवजा तथा घटना की न्यायिक जांच करवाने की मांग की पर देर रात तक कोई समझोता नहीं हो सका।
..सरकार ने कहा, थाने में बाल काटने की घटना झूठी
सरकार ने कहा है कि थाने में वकील के बाल काटने जैसी कोई घटना ही नहीं हुई थी। इस मामले में वकीलों द्वारा पुलिसकर्मियों पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। इसके साथ ही आत्महत्या करने वाले वकील अमित यादव की पृष्ठभूमि भी आपराधिक बताई जा रही है। शेष x पेज 4
हाई कोर्ट में आज न्यायिक कार्य का बहिष्कार
भीलवाड़ा में पुलिस प्रताड़ना से वकील द्वारा खुदकुशी करने के विरोध में राजस्थान हाई कोर्ट की जयपुर पीठ में शुक्रवार को वकील न्यायिक कार्य का बहिष्कार करेंगे। हाई कोर्ट बार ने मामले की न्यायिक जांच की भी मांग की है। वहीं उदयपुर व जोधपुर में भी वकील न्यायिक कार्य का बहिष्कार करेंगे।










