भूमि अधिग्रहण बिल से किसानों को साधने की जुगत
नई दिल्ली. गन्ना मसले पर किसानों का व्यापक विरोध झेलने के बाद कांग्रेस ने अब किसान हिमायती छवि बनाने की कवायद तेज कर दी है।
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की पहल पर गन्ना कीमतों संबंधी अध्यादेश में संशोधन के लिए प्रधानमंत्री को राजी करने के बाद पार्टी ने अब भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल संसद में पारित कराने का राग छेड़ दिया है। इस मुहिम में पार्टी अब अपनी सहयोगी तृणमूल कांग्रेस की नाराजगी को भी भाव देने के मूड में नहीं है।
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार को पीएम से भेट करने के बाद गन्ना के मसले पर कांग्रेस का हाथ किसानों के साथ होने की बात तो दोहराई। साथ ही, वे यह कहने से नहीं चूके कि भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल पारित नहीं होने से किसानों को बहुत नुकसान हो रहा है। उनके मुताबिक, इसे पारित कराने के लिए तृणमूल कांग्रेस नेता और रेलमंत्री ममता बनर्जी से भी बातचीत की जाएगी। पिछले संसद सत्र में ममता के विरोध के कारण सरकार को इस बिल से पीछे हटना पड़ा था। इस बिल के बहानेकांग्रेस ममता को भी संदेश देना चाहती है।
पार्टी के एक बड़े नेता के मुताबिक, कुछ राजनीतिक दल साथ रहकर सत्ता में बराबर की भागीदारी तो चाहते हैं, लेकिन कई नाजुक मौकों पर उनकी यह जताने की कोशिश रहती है कि वे सरकार की मुहिम के खिलाफ हैं। यह उचित नहीं है।










