एनीकेट हुआ ओवरफ्लो
दुर्ग. बेमौसम बारिश से भोले ही फसलों को नुकसान हुआ है लेकिन महमरा एनीकेट में करीब दो से ढ़ाई महीने तक के लिए पानी का इंतजाम होने से दुर्ग व भिलाई नगर निगम प्रशासन को बड़ी राहत मिली है।
इस बारिश से महमरा एनीकेट लबालब होकर छलकने लगा है। इसी एनीकेट से ट्विनसिटी के लिए पेयजल की आपूर्ति होती है। दोनों निगमों को अब ढ़ाई महीने तक जलसंकट से एक तरह से निजात मिल गई है। गौरतलब है कि इस साल बरसात में कम वर्षा के कारण नदी-नाले व जलाशय क्षमता के मुताबिक नहीं भर पाए थे।
ट्विनसिटी के पेयजल के लिए खरखरा जलाशय से पहली बार अक्टूबर महीने में पानी मांगना पड़ा। आमतौर पर अप्रैल व मई में पानी की डिमांड की जाती थी। इस बार अक्टूबर में ही दुर्ग नगर निगम की डिमांड पर करीब 350 एफसीएफटी पानी छोड़ा गया था।
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक दिसंबर में फिर पानी की मांग करने की नौबत आने से पहले ही बारिश के कारण राहत मिल गई। नगर निगम के जलकार्य प्रभारी चंद्रशेखर चंद्राकर का कहना है कि बेमौसम बारिश से एनीकेट का जलस्तर वाकई अप्रत्याशित रूप से बढ़ा है। इससे सचमुच राहत मिली है।
इस बारिश से न केवल महमरा एनीकेट बल्कि भरदा कोनारी समेत अन्य एनीकेट के जलस्तर में भी इजाफा हुआ है। इससे एनीकेट के आसपास के गांव को लाभ होगा। खरखरा जलाशय को भी इस बारिश से लाभ हुआ है। जलसंसाधन खरखरा संभाग के ईई एसके अवधिया ने बताया कि सोमवार की रात हुई बारिश से जलस्तर में वृद्धि हुई है। खरखरा जलाशय में जल भराव 16 प्रतिशत था वह बढ़कर 17 प्रतिशत हो गया है।










