Saturday, Nov 21st, 2009, 1:02 am [IST]  

danik bhaskarनुकसान का होगा आंकलन

भास्कर न्यूज

sबालोद. बीते दिनों हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की फसल को पानी में डुबो दिया। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। खेतों में कटी फसल (करपा) के साथ खलिहानों में फसल भीगने से किसानों की सारी मेहनत बेकार हो गई। इससे किसान भारी मुसीबत में पड़ गए हैं।



मौसम खुलने के बाद तो किसान अपनी ओर से फसल को सहेजने का पूरा प्रयास कर रहे हैं, लेकिन जो नुकसान हुआ है उसकी क्षतिपूर्ति या मुआवजा की मांग शासन से की जा रही है। इधर राज्य शासन ने अपनी ओर से भी किसानों को धान पर 50 रुपए बोनस दिए जाने की घोषणा की है, लेकिन नुकसान की क्षतिपूर्ति दिए जाने अभी निर्णय नहीं लिया गया है।



शासन द्वारा कलेक्टर व कलेक्टर द्वारा राजस्व विभाग को ये आदेश जारी किए जा रहे हैं कि बारिश से फसलों को हुई क्षति का आंकलन कर रिपोर्ट भेजें। बताया गया कि ब्लाक में यह सर्वे पटवारियों द्वारा प्रत्येक गांव व शहर में कराया जाएगा। पटवारी किसानों के खेतों में जाकर नुकसान की वास्तविक स्थिति का जायजा लेकर ही सही रिपोर्ट तैयार करेंगे, वही रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।



बालोद तहसील कार्यालय में पटवारी बीसी मंडावी ने बताया कि सर्वे कार्य शुरू करने के आदेश पत्र जल्द ही प्राप्त हो जाने की जानकारी मिली हैयह आदेश मिलते ही पटवारियों द्वारा पहले अनुमानित आंकलन की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। फिर शासन के द्वारा आदेश पर वास्तविक रिपोर्ट का ब्यौरा भेजा जाएगा, जिस पर शासन विचार-विमर्श करने के बाद निर्णय लेगा।



राजस्व विभाग का कहना है कि मौसम खुलने से अब फसल की स्थिति में काफी सुधार आ गया है, जो फसल कटाई के बाद पानी में भीग गए थे, वे सूख चुके हैं और पूरी तरह सुरक्षित हैं। वहीं जो फसल अब तक पानी में डूबे हुए हैं, उन्हें नुकसान पहुंचा है। पटवारियों द्वारा ऐसी फसलों की स्थिति को देखकर ही रिपोर्ट बनाई जाएगी। धूप खिलने के बाद जो फसल सुरक्षित है, उन्हें नुकसान में शामिल नहीं किया जाएगा। सर्वे के लिए पटवारी अपने प्रत्येक हल्के, कस्बे, गांव में जाकर खेत, खलिहान का दौरा कर रिपोर्ट तैयार करेंगे।



पूरी फसल नष्ट



ग्राम नर्रा के ग्रामीणों ने शुक्रवार को एसडीएम कार्यालय में जाकर तहसीलदार को अतिवृष्टि होने से धान की फसल की क्षतिपूर्ति राशि दिलाए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि अतिवृष्टि के कारण धान पूरा नष्ट हो चुका है। नाला के समीप लगे खेतों की फसल पूरी तरह बह गई है।



नर्रा (बरही) पटवारी हल्का नंबर 12 (27) राजस्व निरीक्षक मंडल बालोद के अंतर्गत आता है। अत: राजस्व विभाग द्वारा कृषकों की फसलों का निरीक्षण कर धान फसल की क्षतिपूर्ति राशि दिलाने में सहयोग किया जाए। मांग करने वालों में कृषक शंकर लाल भटनागर, दुखितराम, विष्णु राम, राजकुमार सोरी, भुवनलाल साहू, लक्ष्मीनारायण, सरपंच नेमीचंद साहू सहित गांव के लगभग 100 किसान शामिल हैं। सभी किसानों की फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है।

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