अंधेरे में भागा पेंथर, पद चिह्नों पर खोज
भास्कर न्यूज सांचौर
क्षेत्र के हेमागुुड़ा गांव के निकट गुरुवार को बालिका को घायल कर खेत की माठ में घुसे पेंथर को शुक्रवार दूसरे दिन भी पकड़ा नहीं जा सका। पेंथर गुरुवार
शाम को घेराबंदी कर बैठे लोगों को फांदते हुए भाग निकला। उसके पद चिन्ह शुक्रवार को समीपवर्ती बाड़मेर जिले के गांधव के निकट डांगरिया गांव की सरहद में मिले हंै, लेकिन पेंथर का कोई अता-पता नहीं चल पाया।
बालिका पर हमला करने के बाद खेत की माठ
में छिपकर बैठे पेंथर को पकडऩे के लिए ग्रामीणों
व प्रशासन ने उसके चारों ओर घेराबंदी कर रखी
थी। लेकिन, अंधेरा होते ही पेंथर अचानक ग्रामीणों की ओर लपका। जिससे वहां अफरा-तफरी मच
गई। पेंथर ने भागते पांच लोगों को मामूली रूप से घायल कर दिया एवं बाद में ग्रामीणों को फांदते हुए वहां से भाग भाग निकला। पेंथर के तांतडा गांव
की ओर भागने पर प्रशासन ने ग्रामीणों के साथ
शुक्रवार सवेरे पद चिन्हों के आधार पर खोज बीन शुरू की। शाम को गांधव के निकट डांगरिया की सरहद पर उसके पद चिन्ह पाए गए।
सांचौर एसडीएम छगनलाल गोयल, डीएसपी कैलाश दान जुगतावत, जालोर उपवन संरक्षक आर एन मीणा, धोरीमन्ना रेंजर मोटाराम चौधरी, रानीवाड़ा रेंजर मंगलसिंह एवं जोधपुर से आए दो शूटर ने ग्रामीणों की मदद से आसपास झाडिय़ों में पेंथर की तलाश की लेकिन, उसका कहीं पता नहीं चल पाया।










