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Saturday, Nov 21st, 2009, 1:08 am [IST]  

danik bhaskarबाइक चोर गिरोह पकड़ा

Matrix News

राजनगर पुलिस ने गुजरात एवं राजस्थान में मोटरसाइकिल चोरी में लिप्त गिरोह के सरगना सहित दो जनों को गिरफ्तार किया। एक अभियुक्त फरार हो गया। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की 22 मोटरसाइकिलें व दो लोडिंग टेंपो बरामद किए हैं। दोनों गिरफ्तार अभियुक्तों को अदालत ने रिमांड पर सौंपा। सीआई निरंजन आल्हा ने बताया कि मालीखेड़ा (गिलूंड) निवासी रमेश उर्फ रामेश्वर पुत्र छोगा जाट गुजरात में आईसक्रीम का धंधा करता था। इस दौरान उसने सूरत व आसपास के क्षेत्रों से 21 मोटरसाइकिलें व 2 लोडिंग टेंपो चुरा लिए। चोरी के वाहन वह गुजरात से राजस्थान में पहुनी, राशमी (चित्तौडग़ढ़) निवासी मदनलाल पुत्र बंशीदास वैष्णव के पास भेज देता था। मदनलाल इन वाहनों को बेचता। यहां मदन ने 4—5 वाहनों को बेच दिया, जबकि शेष वाहन खंडेल निवासी सुरेश गर्ग के यहां रखवा रखे थे। अभियुक्तों ने कुछ दिनों पूर्व ही एक मोटरसाइकिल राजनगर निवासी मोहम्मद अल्ताफ की भी चुराई।

एएसआई गणपतसिंह की टीम ने मुख्य अभियुक्त रमेश के गांव आने की सूचना पर मालीखेड़ा में दबिश दी। उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने मदनलाल को भी गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर बेची गई मोटरसाइकिलों सहित सुरेश के यहां रखी गई 22 मोटरसाइकिलें व दो लोडिंग टेम्पो बरामद कर लिए। इस दौरान कार्रवाई की भनक लग जाने से तीसरा आरोपी सुरेश फरार हो गया।

डेढ़ वर्ष में चुराए वाहन

मुख्य आरोपी रमेश करीब डेढ़ वर्ष से सूरत व आसपास के क्षेत्रों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। इसके तहत सबसे पहले उसने सूरत के पास पर्वता पाटिया गांव से हीरोहोंडा पेशन मोटरसाइकिल चुराई। इसके बाद उधना से स्पलेंडर, कामरेच से तीन चार स्पलेंडर व पेशन बाइक चुराई। उसने सूरत में वारछा रोड, अर्चना स्कूल, नांदेड़, उधना रोड, भटार रोड आदि क्षेत्रों से मोटरसाइकिलें चुराई। वह केवल पेशन व स्पलेंडर मोटरसाइकिलें ही चुराता था। करीब 7 माह पूर्व उसने पाणसेरा से व नांदेलार से एक-एक लोडिंग टेम्पो भी चुराया।

यूं पकड़ में आए

जानकारी के अनुसार राजनगर निवासी मोहम्मद अल्ताफ की मोटरसाइकिल चुराने के मामले में जब पुलिस ने रमेश के साथी मदनलाल को गिरफ्तार किया, तो इस गिरोह का भंडाफोड़ हुआ। पुलिस मदनलाल को गिरफ्तार कर उससे मोटरसाइकिल की बरामदगी के लिए उसके घर ले गई, जहां अल्ताफ की मोटरसाइकिल के अलावा भी 7-8 मोटरसाइकिलें और रखी हुई थी, जिनमें से किसी पर भी नंबर नहीं लिखे हुए थे। शक के आधार पर पुलिस ने उससे पूछताछ की तो सारा मामला खुल गया।

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