10 रुपए में दिखानी होगी आंसर शीट
शिमला. प्रदेश सूचना आयोग ने प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सहायक सचिव को आदेश दिए हैं कि वह आवेदक से दस रुपए जमा करवा कर उसे अपने कार्यालय में आंसरशीट की इंस्पेक्शन करने दें। बिलासुपर जिला के बेहनाजटन गांव की पुष्पा देवी की शिकायत पर प्रदेश सूचना आयुक्त एसएस परमार ने यह फरमान सुनाए हैं।
जमा दो छात्रा पुष्पा ने आयोग से अपनी शिकायत में कहा कि अपनी आंसरशीट की री-इवेल्यूएशन के लिए उसने 350 रुपए बतौर फीस बोर्ड में जमा करवाए, लेकिन अभी तक बोर्ड की आसेर से उसे रिजल्ट नहीं भेजा गया। सूचना आयुक्त ने आदेश दिए हैं कि पुष्पा द्वारा जाम की गई 350 रुपए की फीस उसे लौटाई जाए।
सूचना अधिकारी को कारण बताओ नोटिस
प्रदेश सूचना आयोग ने झाकड़ी के अजरुन सिंह नेगी की शिकायत पर तकनीकी शिक्षा विभाग के सूचना अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और आवेदक की ओर से मांगी गई सूचना को 1 दिसंबर से पहले प्रदेश सूचना आयोग में जमा करवाने के निर्देश दिए हैं। अजरुन नेगी ने आवेदक ने 14 मई 2009 को सूचना अधिकार कानून के तकनीकी शिक्षा विभाग से सूचना मांगी थी जो अभी तक नहीं मिली है। सूचना आयुक्त ने सूचना अधिकार कानून की धारा 20 के तहत तकीनीकी सूचनपा विभाग के सूचना अधिकारी को नोटिस जारी किया है।
पूर्व प्रधान को मुफ्त मिलेगी सूचना
प्रदेश सूचना आयोग ने ऊना जिला के अंब के बीडीओ को निर्देश दिए हैं कि ग्राम पंचायत धर्मशाला महंता के पूर्व प्रधान मेहर चंद शर्मा को 30 नवंबर से पहले मांगी गई सूचना निशुल्क उपलब्ध करवाए और इस बारे में एक हफ्ते में जिला ऑडिट अधिकारी को सूचित करें।
पूर्व प्रधान ने जिला पंचायत अधिकारी ऊना से सूचना अधिकार कानून के तहत सूचना मांगी थी। तय समय पर सूचना न मिलने पर आवेदक ने इसकी शिकायत प्रदेश सूचना आयेाग में कर दी। जिला पंचायत अधिकारी कार्यालय के सूचना अधिकारी ने पेशी पर यह तर्क दिया कि मांगी गई सूचना बीडीओ ऑफिस अंब के पास है। इस पर सूचना आयुक्त एसएस परमार ने 30 नवंबर तक निशुल्क देने के निर्देश बीडीओ अंब को दिए।
नि:शुल्क रिकॉर्ड जांचने के आदेश
मंडी जिला की बग्गी पंचायत के गवाड़ गांव के देशराज की अपील पर सुनवाई करते हुए प्रदेश सूचना आयुक्त एसएस परमार ने आईपीएच डिवीजन बग्गी के सहायक अभियंता को आदेश दिए हें कि कि वह आवेदक को मांगा गई सूचना का रिकार्ड निशुल्क जांचने दें। आवेदक ने आइपीएच डिवीजन बग्गी से सूचना मांगी थी, विभाग की ओर से दलील दी गई गई रिकार्ड बहुत पुराना है, ऐसे में सूचना देना मुश्किल है। इस पर सूचना आयुक्त ने आवेदक को निशुल्क रिकार्ड चेक करवाने के आदेश सहायक अभियंता आइपीएच डिवीजन बग्गी को दिए हैं।










