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Saturday, Nov 21st, 2009, 1:41 am [IST]  

danik bhaskarसेक्टर्स में नहीं सुविधाएं

भूपेंद्र सिंह & करनाल

हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) के रिहायशी सेक्टरों की पहचान शहर के पाश इलाकों के तौर पर होती है। सेक्टरों में लोगों ने आलीशान कोठियां और भव्य मकान बनाए हुए हैैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की बात करें तो सेक्टरों में इनका बड़ा टोटा नजर आता है। हुडा ने करनाल शहर में रिहायश के लिए चार, पांच, छह, सात, आठ, आठ पार्ट-2, नौ, 12 पार्ट-1, पार्ट-2, 13, 13 एक्शटेंशन, 14 पार्ट-1 और सेक्टर-16 विकसित किए हैैं। लेकिन इन सेक्टरों में कहीं भी बस क्यू शेल्टर नहीं बनाए गए हैैं, जबकि रोडवेज ने सेक्टरों में लोगों के आने-जाने के लिए दो बसें चलाई हुई हैैं। ये बसें यात्रियों को देखकर रुक जाती हैैं वरना सीधे निकल जाती हंै, क्योंकि बसों के रुकने का कोई निश्चित स्थान नहीं है। सेक्टरों में साइकिल-रिक्शा स्टैैंड भी नहीं है।

नहीं है कोई गारबेट कलेक्शन सेंटर : हुडा के सेक्टर्स में कूड़ा डालने की समस्या बहुत जटिल बनी हुई है। सेक्टर्स की सड़कों पर जगह-जगह कूड़े के ढेर देखे जा सकते हैैं। सड़कों के अलावा पार्कों व सार्वजनिक भवनों के आस-पास जहां भी जगह मिलती है वहीं लोग कूड़ा डाल देते हैैं। इसकी मुख्य वजह यही है कि सेक्टर्स में कहीं भी गारबेज कलेक्शन सेंटर नहीं बनाए गए हैैं। जिस वजह से कूड़ा इधर-उधर फेंका जाता है।

सार्वजनिक शौचालय की भी समस्या : सेक्टरों में कामर्शियल एरिया में सार्वजनिक शौचालय बना दिए गए हैैं, लेकिन इनकी स्थिति बदतर है। हुडा के अधिकारी कहते हैैं कि मार्केट के लोगों को स्वयं शौचालयों की साफ-सफाई का जिम्मा उठाना चाहिए ताकि लोगों को दिक्कत न हो। धार्मिक व सामाजिक संगठनों द्वारा लगाए गए प्याऊ को छोड़ दें तो सेक्टरों में पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है।

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