फरवरी से प्रदेश में नि:शुल्क एंबुलेंस सेवा
शिमला. राज्य सरकार अगले साल फरवरी से प्रदेश में नि:शुल्क एंबुलेंस सेवा शुरू करेगी। मरीजों को नजदीकी अस्पताल तक पहुंचाने के लिए टोल फ्री फोन नंबर के जरिए मुहैया होने वाली इस सुविधा के तहत पहले चरण में 100 एंबुलेंस चलाई जाएंगी। एंबुलेंस में प्राथमिक उपचार किट मौजूद होगी। कंट्रोल रूम में प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ के साथ डॉक्टर भी रहेंगे। शहरी क्षेत्रों में एंबुलेंस के अस्पताल पहुंचने का समय 20 मिनट तय किया गया है।
कम ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों के 30 मिनट, इससे ऊंचे स्थानों के लिए 45 मिनट का समय तय किया गया है। इमरजेंसी मेडिकल रिस्पॉन्स एंड ट्रांसपोर्ट सर्विस स्कीम के तहत इस सेवा को अंतिम रूप देने के लिए सरकार ने जर्मनी की कंपनी आइशर को जिम्मा सौंपा है। मौजूदा समय में एंबुलेंस सेवा के लिए मरीजों से 6 से 7 रुपए प्रति किमी. के हिसाब से शुल्क लिया जाता है। ऐसी एंबुलेंस प्रदेश में 160 के करीब हैं। इनमें शुल्क पहले की तरह ही लिया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री राजीब बिंदल ने शुक्रवार को शिमला में एक प्रेस में बताया कि एंबुलेंस सर्विस के लिए कंट्रोल रूम बनाया जाएगा।
पुलिस और फायर ब्रिगेड के अधिकारी इस कंट्रोल रूम के संपर्क में रहेंगे। आपात स्थिति में एंबुलेंस मरीज को निजी अस्पताल में भी पहुंचा सकती है। सरकार ने इस सेवा के लिए 108 टोल फ्री नंबर के लिए अप्लाई किया है। कंपनी को आठ करोड़ रुपए जारी कर दिए गए हैं। पहले चरण में इस योजना पर 20 करोड़ खर्च होंगे। हर साल इस सेवा पर 15 करोड़ रुपए खर्च होंगे।










