4 अस्पतालों में खाली रहेंगे 3-3 बेड
करनाल. सिविल सर्जन डा. नरेश सैनी ने कहा है कि स्वाइन फ्लू से घबराने की जरूरत नहीं है, इसका इलाज संभव है। समय पर इलाज लेने से यह पूरी तरह से ठीक हो जाता है। उन्होंने कहा कि यदि इमरजेंसी में स्वाइन फ्लू से पीड़ित किसी भी रोगी को वेंटीलेटर की आवश्यकता है तो इसके लिए सिविल अस्पताल के अलावा चार अस्पतालों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। ये निर्देश भारत सरकार की ओर से हैं।
उन्होंने बताया कि पीड़ित व्यक्ति अमृतधारा अस्पताल, पीआरपी अस्पताल, अर्पणा अस्पताल व महाबीर दल अस्पताल में संपर्क कर सकते हैं। इन निर्देशों के तहत अस्पताल प्रबंधन को दो या तीन बैड अलग से सुरक्षित रखने के लिए कहा गया है।
सभाएं करने से परहेज करें स्कूल
सिविल सर्जन ने स्कूल प्रबंधकों से आह्वान किया कि वे स्कूलों में सभाएं करने से परहेज करें। क्योंकि इससे वायरस फैलने का अधिक खतरा रहता है। जिन बच्चों को स्वाइन फ्लू के लक्षण है, उनकी तुरंत जांच कराएं। उन्होंने बताया कि सिविल अस्पताल में स्वाइन फ्लू के लिए अलग से हेल्प डेस्क बनाई गई है।
दो आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं, इनमें छह बैड लगाए गए हैं। यदि किसी व्यक्ति को बुखार, गले में खराश, खांसी, नाक से पानी बहना, सांस में तकलीफ, शरीर में दर्द, उल्टी, दस्त, विदेश यात्रा से वापस लौटा हो या फिर स्वाइन फ्लू से ग्रस्त व्यक्ति के संपर्क में आए हैं तो तुरंत हेल्प डेस्क पर जांच करवा सकते हैं। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे छींकते समय मुंह पर रुमाल या हाथ का प्रयोग करें। सार्वजनिक स्थानों पर जाने से परहेज करें।
408 की हो चुकी है जांच
उन्होंने बताया कि सिविल अस्पताल में 408 लोगों के स्वास्थ्य की जांच हो चुकी है। इनमें 31 के सैंपल लेकर जांच की गई। जिनमें से चार के सैंपल पाजीटिव आए हैं। इनमें से एक गर्भवती महिला का भी सैंपल लिया गया है, जो स्वस्थ है।
पांच बच्चों के लिए सैंपल
करनाल में भी स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। शुक्रवार को भी पांच बच्चों के सैंपल लिए गए। ये सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेज दिए गए हैं। अब रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा कि बच्चों को स्वाइन फ्लू है या नहीं। विभाग की ओर से अब तक 31 के सैंपल लिए जा चुके हैं, इनमें से चार को पाजीटिव की पुष्टि हो चुकी है।
शुक्रवार को डेढ वर्ष के हार्दिक निवासी सेक्टर सात, चार वर्षीय नोवेश निवासी शाहपुर, जलमाना के डेरा मानस के छह वर्षीय दमनदीप, तीन वर्षीय पुष्प निवासी जुंडला गेट व तीन वर्षीय सिमरन निवासी माल रोड का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है।
उन्होंने बताया कि संदिग्ध रोगियों को टेमीफ्लू की दवा देकर ट्रीटमेंट शुरू कर दिया गया है। पहले लिए गए सैंपल की अभी रिपोर्ट नहीं आई। स्वाइन फ्लू के जिला नोडल अधिकारी डा. चरणजीत चौधरी ने बताया कि पांच बच्चों के सैंपल लेकर जांच के लिए दिल्ली भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। फिलहाल उन्हें टेमीफ्लू देकर व पूरा एहतियात बरतनें की सलाह दी गई है।










