केवल धनी, ताकतवर पा सकते हैं पैरोल: HC
नई दिल्ली. मॉडल जेसिका लाल की हत्या के दोषी मनु शर्मा को लंबी अवधि के पैरोल पर छोड़े जाने को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को अपनी टिप्पणी में कहा, ‘जाहिर है केवल धनी और ताकतवर लोग पैरोल हासिल कर सकते हैं।’इस विवादित पैरोल को लेकर मुख्यमंत्री शीला दीक्षित सवालों के घेरे में हैं।
उन्हें यह साफ करना है कि उन्होंने क्यों एक कांग्रेसी नेता के बेटे का पक्ष लिया जबकि वे यह जानती थीं कि उसे उम्रकैद हुई है। शर्मा को पैरोल पर तब क्यों छोड़ा गया जबकि तिहाड़ जेल में दर्जनों अन्य बंदी अपने पैरोल के लिए लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे हैं।
हाईकोर्ट ने कनॉट प्लेस गोलीकांड की सुनवाई शुरू करते समय कहा कि सामान्य मामलों में सरकार किसी मुजरिम के पैरोल आवेदन पर विचार करने में तीन से छह महीने का समय लेती है जबकि मनु शर्मा के मामले में 20 दिनों में ही हरी झंडी दे दी गई। जस्टिस कैलाश गंभीर ने कहा, ‘कोई शक नहीं गृह विभाग कुछ मुजरिमों के साथ उनके ऊंचे संपर्र्को के कारण पक्षपात भरा व्यवहार कर रहा है।’
गोलीकांड मामले के मुजरिम सुमीर सिंह ने उसे दोषी ठहराए जाने के खिलाफ अपील करने के लिए पैरोल मांगा है। सिंह के मुताबिक, उसके परिजन अनपढ़ हैं अत: वे सुप्रीम कोर्ट जाने में उसकी कोई मदद नहीं कर सकते।
दिल्ली सरकार ने एक हलफनामे में बताया कि इस साल 18 नवंबर तक 372 मुजरिमों ने पैरोल मांगा था। इनमें 72 को पैरोल दिया गया। मनु ने बीमार मां की देखभाल का कारण बताते हुए पैरोल पर छोड़े जाने की अर्जी दी थी जिस पर उसे 22 सितंबर से दो महीने के लिए आजाद किया गया था। इस अवधि में मनु को पब में देखा गया जबकि उसकी मां एक प्रेस कान्फ्रेंस को संबोधित करते हुए देखी गई थीं। इस पर बवाल मचने पर मनु खुद 10 नवंबर को तिहाड़ जेल लौटा था।










