डर निकालने पर ही सफलता
कोई भी काम करने से पहले हमेशा यह डर सताता रहता है कि काम पूरा हो पाएगा या नहीं। इस डर पर जीत दर्ज कर ही काम की 90 फीसदी सफलता हासिल की जा सकती है। सफलता का यह मंत्र जीवन में हमेशा काम आता है। एनएफ एनएलपी (यूएसए) के ट्रेनर डॉ. अश्विनी कुमार ने शहीद स्मारक भवन में हुए वर्कशॉप में युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि जीवन के हर कदम पर कामयाब हुआ जा सकता है, जरूरत है हौसले की।
बेवजह परेशानी न लें : देशभर में 300 से ज्यादा शो करने वाले डॉ. अश्विनी ने कहा कि बेवजह की परेशानी लेने से ही हम अपने काम में पूरा मन नहीं लगा पाते। काम शुरू करने से पहले यह सोचते हैं कि काम पूरा होगा या नहीं। इसके ठीक विपरीत सफलता के लिए मेहनत और सिर्फ मेहनत करनी चाहिए।
वह भी क्वालिटी वाली होनी चाहिए। यानी किसी काम के लिए 10 मिनट चाहिए, तो इतने ही मिनट खर्च होने चाहिए न कि पूरा दिन। यह तालमेल नई वैज्ञानिक तकनीक न्यूरो लिंग्विस्टक प्रोग्रामिंग (एनएलपी) से संभव है।
ज्यादा के चक्कर में पूरा न गंवाएं: कम समय में अधिक या शार्टकट से सफलता के फेर में अपना समय व्यतीत नहीं करना चाहिए। यह प्रकृति का नियम है कि जो जितनी मेहनत करेगा, उसे उतनी ही सफलता मिलेगी। इसलिए बेहतर प्लानिंग के साथ की गई मेहनत से सफलता आसानी से प्राप्त हो सकती है। यह सफलता किसी भी रूप में हो सकती है। इसके लिए जरूरी है अपने पसंदीदा क्षेत्र में लगातार काम करने की।
वर्कशॉप में शामिल होने का आज आखिरी मौका : डॉ. अश्विनी की वर्कशॉप में शामिल होने का शनिवार को आखिरी अवसर लोगों के पास रहेगा। 21 नवंबर को शहीद स्मारक भवन में शाम 6:30 से 8 और 8:30 से रात 10 बजे आयोजित होने वाले दो शो में लोग शामिल हो सकते हैं।











