दिखा रॉयल राइडिंग का रोमांच
लुधियाना. हरक्यूलस, टाइगर, सागर, ट्राइडेंट और तुषार के साथ कारनामे दिखा रहे थे कैडेट्स। यह नाम हैं ट्रेन्ड होर्सेस के। जिनपर बैठकर कैडेट्स ने जंपिंग, टेंट पेगिंग और फ्लैग कैरिंग जैसे इंवेट्स में अपना हुनर दिखाया। एनसीसी वीक सेलिब्रेशन के तहत नंबर 1 आरएंडवी एनसीसी स्कवार्डन के कैडेट्स ने होर्स राइडिंग शो में अपना हुनर दिखाया।
कैडेट सीनियर अंडर ऑफिसर अनुज कुमार ने फ्लैग कैरिंग अपने घोड़े हरक्यूलस के साथ दिखाई। फ्लैग कैरिंग के समय अनुज और हरक्यूलस की कैमिस्ट्री देखते ही बनती थी। जैसे कि दोनों को अपना उद्देश्य पता था और उसके लिए दोनों पूरी तन्मयता के साथ अपना काम कर रहे थे। इसके बाद कैडेट दविंदरजीत सिंह ने टाइगर घोड़े के साथ और कैडेट सुखजिंदर सिंह ने हरक्यूलस घोड़े के साथ टेंट पेगिंग के करतब दिखाए।
इसके बाद कैडेट दविंदरजीत सिंह ने सागर घोड़े पर, कैडेट सीनियर अंडर ऑफिसर अनुज कुमार ने ट्राइडेंट घोड़े पर और कैडेट सुखजिंदर सिंह ने तुषार घोड़े पर होर्स जंपिंग शो दिखाया। इन्होंने डिफरेंट स्टाइल के जंप पर अपने घोड़ों के साथ तालमेल दिखाते हुए बेहतरीन शो दिखाया। कैडेट बेअंत कौर ने भी होर्स राइडिंग की। इस शो को देखने के लिए पीएयू स्कूल के छात्र भी आए हुए थे।
छात्र और अन्य व्यक्ति होर्स राइडिंग शो को देखकर आश्चर्यचकित थे। उन्हें होर्स राइडिंग की यह एडवेंचर्स एक्टिविटी देख कर रोमाचंक अनुभव हो रहा था। इस अवसर पर गडवासू के डायरेक्टर स्टूडेटं्स वेल्फेयर डॉ. कुलबीर सिंह संधू और कॉलेज ऑफ वेटरनरी साइंस के डीन डॉ. सिमरत सागर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे।
1 पंजाब आरएंडवी स्कवार्डन एनसीसी के ऑफिशिएटिंग कमांडर मैजर मंगेश ने बताया कि क्वालिफाइड इंस्ट्रक्टर और एएनओ की देखरेख में कैडेट्स को यह सारी एक्टिविटीज सिखाई जाती हैं। उन्होंने बताया कि एएनओ डॉ. आरएस सेठी और डॉ. सिमरिंदर सिंह सोढी की देखरेख में कैडेट्स ने कई कंपीटिशन में मेडल जीते हैं।
मेजर मंगेश ने बताया कि इस यूनिट में ग्रुप कमांडर कर्नल केजे सिंह द्वारा ऑब्सटेकल कोर्स भी बनवाया गया है। इस कोर्स के जरिए कैडेट्स एसएसबी में होने वाले ऑब्सटेकल टेस्ट को क्लीयर करने में काफी मदद मिलेगी। इसे बिल्कुल उसी तर्ज पर कैडेट्स की ट्रेनिंग के लिए बनवाया गया है। उन्होंने बताया कि आरडी कैंप 2009 में उनके कैडेट सीनियर अंडर ऑफिसर अनुज कुमार ने बेस्ट टेंट पेगर टूर्नामेंट की शर्मा ट्राफी को अपने नाम किया।
इसके अतिरिक्त कई अन्य इवेंट्स में भी उसने कई प्राइज जीते हैं। होर्स राइडिंग करने वाले कैडेट्स का कहना है कि इस इवेंट को करते हुए रॉयल फीलिंग आती है। घुड़सवारी हर किसी के बस की बात नहीं। इसमें फिजिकल एफर्ट के साथ साथ घोड़ों के साथ तालमेल भी बिठाना पड़ता है। क्योंकि जब तक हमारे घोड़े सही मूव नहीं करेंगे हम कुछ नहीं कर सकते। बाहर से आए कैडेट्स भी इस रॉयल राइडिंग शो को देखकर काफी रोमांचित थे।










