पत्नी की गला दबाकर हत्या, आजीवन कारावास
रायपुर. प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश एनके चंद्रवंशी ने शुक्रवार को पत्नी की गला दबाकर कर हत्या करने वाले पति, सौतन और दो बेटों को उम्रकैद की सजा सुनाई।
केस डायरी के अनुसार 24 फरवरी 2009 को मेहताब सिंह ने डीडी नगर थाने में अपनी पत्नी राजेश्वरी देवी के घर पर मृत्यु होने की रिपोर्ट लिखाई। उन्होंने बताया कि पत्नी रोज की तरह रात साढ़े दस बजे खाना खाकर सोई थी, लेकिन सुबह वह मृत हालत में पाई गई।
पुलिस ने घटनास्थल का पंचनामा बनाने के बाद शव को पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया। पोस्ट मार्टम की रिपोर्ट में राजेश्वरी की मृत्यु का कारण गला घोंटना पाया गया। पुलिस की जांच में पता चला कि मेहताब ने अपनी दूसरी पत्नी सलमा उर्फ मुन्नी बाई और उसके दो बेटे जाकिर खान और शाकिर खान के साथ मिलकर मृतका का गला दबाया था। चारों आरोपी मृतका को हिंदू होने के कारण पसंद नहीं करते थे।
आरोपियों ने मृतका को मुसलमान धर्म अपनाने के लिए काफी दबाव बनाया हुआ था। इनके बीच इसी बात को लेकर हमेशा झगड़ा व विवाद होता था। घटना के दिन भी चारों के बीच जमकर झगड़ा हुआ। विवाद इतना अधिक बढ़ गया कि आरोपियों ने राजेश्वरी का गला दबा कर उसे मार दिया।
साक्ष्य मिटाने के लिए मृतका के कपड़े भी बदल दिए गए थे। पुलिस ने तफ्तीश पूरी होने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में आईपीसी की धारा 302, 201 व 34 के तहत चालान पेश कर दिया।
लोक अभियोजक योगेंद्र ताम्रकार ने बताया कि जज ने धारा 302 के तहत चारों आरोपियों को उम्रकैद और एक-एक हजार रुपए का अर्थदंड की सजा सुनाई। मेहताब और मुन्नी बाई को धारा 201 के तहत तीन-तीन साल और 500 रुपए का अर्थदंड अलग से दिया गया।










