Danik Bhaskar Logo
| 27 Editions | 9 States

Investor
Saturday, Nov 21st, 2009, 2:30 am [IST]  

danik bhaskarबात मामूली सी, हादसे बड़े-बड़े

दीपक सैलोपाल

लुधियाना. सामने से आ रहे वाहन की हाई बीम लाइट से आंखें चुंधियां जाने का अनुभव ड्राइविंग करने वाला लगभग हरेक व्यक्ति कर चुका होगा। आप सौभाग्यशाली हैं कि अपना यह अनुभव सांझा कर रहे हैं, कुछेक को हाईबीम ने हादसे का शिकार बना लिया। हाईबीम ऑन होने की बात मामूली सी लगती है, लेकिन यह एक बड़े सड़क हादसे का कारण बन सकती है।



दैनिक भास्कर ने वाहन चालकों की इस लापरवाही का जायजा लिया है। शहर के मुख्य मार्गो या अंदरुनी सड़कों पर ऐसे कई वाहन मिले, जिनकी हाईबीम ऑन थी और सीधे आंखों से टकरा रही थीं। हाईबीम ऑन होने की बात मामूली सी लगती है, लेकिन यह एक बड़े सड़क हादसे का कारण बन सकती है। वाहन चलाने वाले कम ही इस बात पर ध्यान देते हैं कि उनकी हाईबीम ऑन है या ऑफ है।



बहुत लोग ऐसे भी होंगे जिन्हें इसके नुकसान की जानकारी भी नहीं होगी। कायदे के मुताबिक शहर के अंदर हाईबीम आफ रहनी चाहिए। इसके अलावा हेडलाइट का कुछ हिस्सा टेप या गहरे रंग से ढका होना चाहिए, ताकि हेडलाइट की रौशनी सामने वाले की आंखों की बजाए सड़क पर ही पड़े। शहर के अंदरूनी हिस्सों में चूंकि वाहन इतना तेज रफ्तार नहीं होते, लिहाजा, हाईबीम का प्रभाव कम दिखाई देता है।



हाईवे पर दौड़ने वाले ट्रक, बसें और अन्य वाहन सामने आने वाले का ख्याल रखे बिना हाईबीम ऑन करके दौड़ते हैं। वाहन को तेजरफ्तार दौड़ाने वाले वाहन चालक जानबूझ कर हाईबीम ऑन रखते हैं। लाइव रिपोर्टिग टीम ने शहर के ताजपुर रोड, बुड्ढा नाला के साथ लगती रोड, गिल रोड, फिरोजपुर रोड बद्दोवाल के पास, शिमलापुरी रोड तथा राहो रोड का जायजा लिया। सिंगल रोड पर चलने वाले ज्यादातर वाहन चालक हाई बीम में लाइट जला कर चल रहे थे। इसके कारण आमने-सामने वाले वाहन चालकों की आंखें चुंधियां जाती है।



शहर के अंदरूनी हिस्सों में विजिबिलीटी ज्यादा होने के कारण हाईबीम का इतना ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ता, लेकिन हाईबीम किसी भी जगह ऑन रखना गलत है। हाईवे पर यह खतरनाक हादसों का कारण बन सकती है। पुलिस ऐसे वाहन चालकों पर कार्रवाई कर रही है और उनके चालान भी काटे जा रहे हैं। - अनिल भनौट, इंचार्ज सिटी ट्रैफिक



विभाग हाईबीम चलाने वाले वाहनों के चालान काट रहा है। वाहन चालकों को इसके बारे में जागरूक किए जाने के ज्यादा फायदे मिलेंगे। विभाग सड़क सुरक्षा सप्ताहों के दौरान लोगों के इसके बारे में जागरूक भी करता है। दिसंबर से विभाग फिर से जागरूकता कार्यक्रमों की शुरूआत कर रहा है। इसमें वाहन चालकों को जानकारी दी जाएगी। - अश्विनी कुमार, डीटीओ

  share
apne vichaar
post a comment
name:
email:
select your language:     Hindi Roman     Hindi Phonetic     English
comment:
code: