भजन ने माफ कर दी लाल की नादानी
चंडीगढ़. करीब 11 महीने 20 दिनों की बेदखली के बाद हरियाणा के पूर्व उप मुख्यमंत्री चंद्रमोहन की भजन लाल परिवार में वापसी हो गई है। बीते साल इन्हीं दिनों में जब चंद्रमोहन ने चांद मोहम्मद बन फिजा से निकाह किया तो भजन लाल ने 8 दिसंबर 2008 को चंद्रमोहन को परिवार और जायदाद से बेदखल कर दिया था।
चंद्रमोहन की घर वापसी के बारे में जब भजन लाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि चंद्रमोहन को फिर से परिवार का सदस्य मान लिया गया है क्योंकि उन्होंने जो गलती की थी, उसे सुधार लिया है। चंद्रमोहन ने पहले बिश्नोई धर्म छोड़ कर इस्लाम धर्म अपना लिया था इसलिए उन्हें परिवार से बेदखल करना पड़ा। अब उनकी परिवार में पूरी हिस्सेदारी है। अभी परिवार में वापसी है पार्टी में नहीं। उन्हें कहां रहना है, यह वे खुद तय करेंगे। हालांकि पिछले कई महीनों से चंद्रमोहन घर से जुड़े हुए थे। वीरवार को विदेश से यहां पहुंचे और भजन लाल ने उनकी घर वापसी कर दी।
हजकां में जा सकते हैं
जानकार कहते हैं कि भजन लाल अब परविार को एकजुट करने में जुट गए हैं। चांद-फिजा प्रकरण ने सामाजिक तौर पर उनकी किरकिरी कर डाली थी और हाल ही में हजकां के पांच विधायक हाथ से फिसल जाने के कारण राजनीति में भी हिट विकेट होने जैसे हालात बन गए। यह उम्मीद की जा रही है कि परिवार में वापसी के बाद अब चंद्रमोहन हजकां का साथ दे सकते हैं, हालांकि अभी तक इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की गई है। विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने खुद या बीवी सीमा के लिए पंचकूला से कांग्रेस का टिकट मांगा था, जो उन्हें नहीं मिला। इसके बाद वे विदेश चले गए और चुनाव के दौरान यहां नहीं रहे।
बीएमडब्ल्यू पर पीला झंडा
शुक्रवार सुबह चंद्रमोहन जिस गाड़ी से पंचकूला लौटे उस पर पीला झंडा था। हजकां का झंडा भी इसी रंग का है, लेकिन पार्टी का चुनाव चिन्ह चंद्रमोहन की कार पर लगे झंडे पर था या नहीं यह स्पष्ट नहीं है।
तब किया था बेदखल
‘चंद्रमोहन की हरकत मेरे परिवार व पूरे प्रदेश के लिए बड़ी शर्म की बात है। मैं हमेशा सिर उठाकर जिया हूं और समाज व प्रदेश की जनता के हित में कार्य किए हैं। इस हरकत ने दुनिया के सामने मेरा व मेरे परिवार का सिर शर्म से झुका दिया है। इस कार्य को अंजाम देकर चंद्रमोहन ने अपनी धर्मपत्नी व बच्चों के साथ घोर अन्याय किया है। मैं इसकी निंदा करता हूं। मैं चंद्रमोहन को अपने परिवार से बेदखल करता हूं। संकट की इस घड़ी में, मैं व मेरा परिवार चंद्रमोहन की धर्मपत्नी सीमा बिश्नोई व उसके बच्चों सिद्धार्थ व दामिनी के साथ है। इन सबकी जिम्मेदारी अब मेरी व मेरे परिवार की है।’
अलग ही कब हुए थे चंद्रमोहन
चंद्रमोहन की दूसरी बीवी फिजा का कहना है कि चंद्रमोहन भजन लाल परिवार से अलग ही कहां हुए थे। अगर हुए भी तो बस एक औरत के साथ खिलवाड़ करने के लिए। मकसद पूरा होते ही फिर से परिवार में जा मिले। राजनीतिक, सामाजिक तौर पर डूबते भजन परिवार को अब चंद्रमोहन से सहारे की उम्मीद है। वैसे बिश्नोई परिवार को न ही अपनी दशा के बारे में पता है और न ही दिशा के बारे में। कुलदीप बिश्नोई पांच विधायकों के बूते कांग्रेस को समर्थन देने का सपना देखते रहे। अब वह अपने परिवार को समर्थन दें।










