पीएचडी के लिए भी देना होगा एंट्रेंस टेस्ट
लुधियाना. पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी में अब पीएचडी करने के लिए एंट्रेंस टेस्ट से गुजरना पड़ेगा। गुरु नानक देव इंजीनियरिंग कालेज में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम जेनेसिस-09 में पहुंचे पीटीयू के वाइस चांसलर डॉ. रजनीश अरोड़ा ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग और फार्मेसी में रिसर्च करने वाले छात्रों को एंट्रेंस टेस्ट से गुजरना होगा।
इससे पहले केवल सिनोप्सिस के आधार पर पीएचडी में रजिस्ट्रेशन होती थी। डॉ. अरोड़ा के अनुसार पीएचडी करने वाले छात्रों की संख्या ज्यादा नहीं होती, लेकिन पीएचडी के लिए क्वालिटी एजुकेशन होनी जरूरी है। एंट्रेंस टेस्ट से पीएचडी करने वाले छात्रों का क्वालिटी लेवल बढ़ेगा। पीएचडी कर रही लेक्चरर नैंसी दविंदर कौर वालिया का कहना है कि एंट्रेंस टेस्ट से नि:संदेह एजुकेशन लेवल बढ़ेगा ही।
उनके अनुसार सिनोप्सिस होना भी जरूरी है, क्योंकि इससे ही पता लग सकता है कि पहले इस सब्जेक्ट पर रिसर्च हो चुकी है या नहीं। डॉ. रजनीश अरोड़ा ने कहा कि यूनिवर्सिटी की एजुकेशन को प्रेक्टिकल बेस्ड बनाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो भी स्टूडेंट या लेक्चरर बड़े लेवल पर रिसर्च पेपर आदि पेश करता है या फिर किसी अन्य एक्टिविटी में जाते हैं, उनका सारा खर्च यूनिवर्सिटी द्वारा उठाया जाएगा।
कंबाइंड एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) को समाप्त करने के बारे में उन्होंने कहा कि इसके बारे में यूनिवर्सिटी ने अपनी सिफारिश भेज दी है। लेकिन फैसला अभी लंबित है। इसके अतिरिक्त उन्होंने यूनिवर्सिटी में स्टाफ की कमी होने की भी बात की।










