बच्ची को रोके रखा स्कूल में
पंचकूला. सेंट जेवियर स्कूल, सेक्टर-20 के प्राइमरी विंग में पढ़ने वाली एक बच्ची के अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि बच्ची को मात्र 80 रुपये के कारण छुट्टी के बाद स्कूल में ही रोक लिया गया। केजी की नम्रता गोयल की मां निशा ने बताया कि स्कूल में कुछ दिन पहले हुए फंक्शन की 80 रुपये फीस वे जमा नहीं करा सके थे।
निशा ने बताया कि वे रोजाना की तरह दोपहर 1 बजे छुट्टी होने पर बच्ची को लेने स्कूल पहुंचीं। सभी बच्चे बाहर आ गए, पर नम्रता नहीं आई। गेट पर खड़े कर्मी ने बताया कि उन्हें अंदर बुलाया है। वे अंदर जाकर हेड मिस्ट्रेस कोलेट सूडान से मिलीं, जिनसे फीस बारे में भी बात हुई। उनके कमरे से बाहर आकर वे टीचर से मिलीं। टीचर ने कहा कि बच्ची की 80 रुपये फीस जमा नहीं की गई है।
उन्होंने टीचर से कहा कि उनकी हेड मिस्ट्रेस से बात हो गई है, पर टीचर ने उनकी बात अनसुनी कर हेड मिस्ट्रेस से बात करने की कोशिश की। निशा ने बताया कि नम्रता 1.45 बजे तक स्कूल की पहली मंजिल पर कमरे में अकेली बैठी रही। काफी बहस के बाद टीचर ने बच्ची को पहली मंजिल से नीचे भेजा, वो भी अकेले। निशा के पति नरेश ने कहा कि रुपये जमा करने के बारे में पेरेंट्स से बात हो सकती थी। बच्ची को प्रताड़ित करना ठीक नहीं है।
पेरेंट्स को गलतफहमी हुई: हेड मिस्ट्रेस
इस बारे में स्कूल की हेड मिस्ट्रेस कोलेट सूडान का कहना है कि पेरेंट्स को कोई गलतफहमी हुई है। बच्ची को स्कूल में नहीं रोका गया। बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार स्कूल में नहीं किया जाता।










