यहां बनती हैं फर्जी डिग्रियां!
कुरुक्षेत्र. इंजीनियर बनना हो या फिर बिना पढ़े लेनी हो ग्रेजुएट की डिग्री सभी कुछ चलता है केयू परीक्षा शाखा में। पैसे लेकर नंबर बढ़ाने और अवार्ड में हेरफेर करने के काम को भी कुछ कर्मचारी मिलीभगत करके बखूबी अंजाम देने में जुटे हैं।
नंबर बढ़वाने और अवार्ड को बदलने तक के काम में ये कर्मचारी इतने माहिर हो चुके हैं कि आसानी से आला अधिकारियों की पकड़ में भी नहीं आते। अगर कहीं गलती से पकड़ में आ भी गए तो बस बैठती है एक जांच कमेटी। जिसका परिणाम शून्य ही निकलता है। नंबर बढ़ाने के इस प्रकरण में इस बार फिर कुछ कर्मचारियों की तरफ शक की सूई घूमी है।
बस नाम की जांच कमेटी
इन कर्मचारियों के पकड़े जाने पर कार्रवाई के नाम पर जांच कमेटी को जरूर बैठाया जाता है। लेकिन जब तक जांच पूरी होती है तब तक कांट्रेक्ट पर भर्ती हुए इन कर्मचारियों का शाखा को अलविदा कहने का समय आ जाता है। इतना ही नहीं कर्मचारियों के पकड़े जाने पर केयू के रसूख रखने वाले कुछ कर्मचारी नेता भी इन्हें बचाने के लिए आगे खड़े हो जाते हैं।
ऐसे में जहां आरोपी कार्रवाई से बच जाते हैं तो वहीं उनके खिलाफ एफआइआर तक दर्ज नहीं हो पाती। लिहाजा इन जांच कमेटियों के बनाने पर ही सवालिया निशान उठ खड़े होते हैं वहीं केयू प्रशासन का लचीला रवैया भी शक के घेरे में आ जाता है।
और बच निकले आरोपी
केयू परीक्षा शाखा में अंकों में छेड़छाड़ करने और अवार्ड लिस्ट बदलने का यह पहला मामला नहीं है। छह महीने पहले भी केयू परीक्षा शाखा की रिवेल्यूशन ब्रांच में अवार्ड के साथ छेड़छाड़ करते कर्मचारियों को रंगे हाथों पकड़ा गया था। इन कर्मचारियों के खिलाफ एफआइआर तक दर्ज नहीं हो पाई। हालांकि नाम के लिए एक जांच कमेटी जरूर प्रो. नफा सिंह की अध्यक्षता में बनाई गई थी लेकिन जब तक इसकी रिपोर्ट आती तब तक उक्त कर्मचारी शाखा को अलविदा कह चुके थे।
जिसके चलते इनपर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जांच कमेटी के सदस्य भी मानते हैं कि जांच का काम जब तक पूरा होता है , तब तक केयू परीक्षा शाखा के ठेके पर लगे कर्मी का अनुबंध पूरा हो जाता है। हालांकि अब कुछ पूर्व अनियमित कर्मचारियों पर केस जरुर दर्ज हुआ है। केयू के कई आला अधिकारियों का मानना है कि अगर परीक्षा शाखा से दो नंबर के काम हटाने हैं तो नियमित कर्मचारियों की डयूटी ही परीक्षा शाखा में लगानी चाहिए।
अरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा
केयू के रजिस्ट्रार प्रो. राघवेंद्र तंवर का कहना है कि नंबरों में घालमेल करने वालों को किसी भी सूरत में माफ नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी कर्मचारी चाहे वो कांट्रेक्ट का है या फिर नियमित इस प्रकरण में संलिप्त पाया गया तो उसे गिरफ्तार कराया जाएगा। प्रो. तंवर ने यह भी स्पष्ट किया कि यह केयू की साख का सवाल है , इसलिए इस मामले में किसी भी तरह का समझौता मंजूर नहीं हैं। हालांकि रजिस्ट्रार ने कहा कि इस मामले में केवल कांट्रेक्ट कर्मी ही नहीं बल्कि कोई न कोई नियमित कर्मी भी शामिल हो सकता है।
दोषियों पर होगी कार्रवाई
केयू के वीसी डा. डीडीएस संधू कहते हैं कि उन्होंने इस मामले में रजिस्ट्रार से बात की है । दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डा. संधू ने बताया कि यह वाकई सोचने वाली बात है कि केयू परीक्षा शाखा के अंदर ऐसा घालमेल हो रहा है। इस मामले की छानबीन कर जल्द ही आरोपियों को काबू किया जाएगा।










