बादल, चौटाला के सहयोगी हैं और रहेंगे
चंडीगढ़. इनेलो के प्रधान महासचिव अजय सिंह चौटाला ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल तो ओमप्रकाश चौटाला के सहयोगी हैं और रहेंगे लेकिन दोनों अपने-अपने राज्यों का हित पहले सोचते हैं। कांग्रेसी बादल-चौटाला के सहयोगी होने को तूल देते हैं लेकिन पंजाब वाले उनके दोस्तों के बारे में कुछ नहीं कहते।
चौटाला शुक्रवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत करे थे। उन्होंने पंजाब व हरियाणा के बीच चल रहे जल विवाद में बादल व चौटाला के रिश्तों पर वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं की तीखी बयानबाजी पर यह जवाब दिया। उन्होंने कहा कि बादल अपने राज्य पंजाब के हित को सोचते हैं जबकि इनेलो के लिए हरियाणा का हित सर्वोपरि है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेसी नेताओं के भी तो पंजाब में रिश्ते हैं, उनके बारे में क्यों नहीं बोलते? चौटाला ने बढ़ती महंगाई, सरकारी भ्रष्टाचार, विधायकों की खरोद-फरोख्त और प्रदेश से जुड़े सभी ज्वलंत मुद्दों पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को खुली बहस की चुनौती दी है। चौटाला ने कहा कि खरीद-फरोख्त कर सातों निर्दलीय विधायकों को मंत्री व मुख्य संसदीय सचिव बनाया गया और फिर हजकां के पांच विधायकों को दलबदल करवाकर उन्हें कांग्रेस में शामिल करके दलबदल कानून की धज्जियां उड़ाई गई।
उन्होंने कहा कि हजकां के चार विधायकों को पहले दिन और पांचवें विधायक को दूसरे दिन कांग्रेस में शामिल किया गया जिसका कानून व संविधान में कहीं कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक तरफ तो नैतिक मूल्यों की दुहाई देती है और दूसरी तरफ सारे नैतिक व लोकतान्त्रिक मूल्यों को पैरों तले रौंदा जा रहा है। हुड्डा सरकार ने नौ मुख्य संसदीय सचिव बनाए हैं और इन मुख्य संसदीय सचिवों को मंत्री स्तर की सुविधाएं दी गई हैं ताकि दलबदल के सहारे बनाई गई कांग्रेस सरकार को बचाया जा सके। यह पूरी तरह से कानून व संविधान का उल्लंघन है। इनेलो विशेषज्ञों से राय मशवरा कर रही है, इस मुद्दे को अदालत में लेकर जाएगी।










