बापू के सामने डॉक्टरों ने जलाई मोमबत्ती
रायपुर. ढाई साल से शिष्यवृत्ति बढ़ाने के प्रस्ताव को दबाए बैठे विभागीय अफसरों को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना के साथ आयुर्वेद कॉलेज के छात्र-छात्राओं और जूनियर डॉक्टरों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने मोमबत्तियां जलाईं।
जूडो का कहना है कि वे अपनी मांग को लेकर मुख्यमंत्री से लेकर सारे अफसरों को नौ से ज्यादा ज्ञापन दे चुके हैं। इसके बाद भी कोई उनकी मांग पर कान देने को तैयार नहीं है। शाम को पांच बजे कॉलेज में जमा हुए सभी जूनियर डॉक्टर रैली की शक्ल में आजाद चौक स्थित गांधी प्रतिमा के सामने पहुंचे।
आंदोलनकारियों को देखने कुछ ही देर में लोगों की भीड़ वहां जमा हो गई थी। शांतिपूर्ण प्र्दशन के बाद छात्र वापस लौट गए। मध्यप्रदेश के समय फैसला हुआ था कि एलोपैथिक और आयुर्वेद के जूनियर डॉक्टरों के साथ शिष्यवृत्ति को लेकर भेदभाव नहीं होगा। क्योंकि यह राशि वेतन जैसी नहीं है, इसे शोध के लिए दिया जाता है।
जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ऑफ आयुर्वेद (जूडो) के अध्यक्ष डॉ. हीरामन बंजारे, उपाध्यक्ष प्रवीण मिश्रा, महासचिव डॉ. प्रमोद साहू का कहना है कि अधिकारी आदेश में मीन-मेख निकालकर पूरे मामले को उलझाने में लगे हैं। आज भी छात्रों और डॉक्टरों ने कॉलेज के सामने नारेबाजी कर अपने साथ न्याय की मांग की।
21 नवंबर को भी जूनियर डॉक्टर दोपहर दो से तीन बजे तक नारेबाजी करेंगे। कल जूनियर डॉक्टरों ने संचालक आयुर्वेद डॉ. जीएस बदेशा को फूलों का गुलदस्ता भेंट किया था। गांधीगीरी का असर भी दिखने लगा है। शुक्रवार को आयुर्वेद संचालनालय में छात्रों की मांग को लेकर हलचल मची रही। आंदोलनकारी छात्र और डॉक्टर शनिवार को स्वास्थ्य सचिव विकासशील को फूल भेंट करने जाएंगे।










