खेलों में प्रवासियों को अवसर देने की मांग
चंडीगढ़. अप्रवासी भारतीयों को खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर देने की मांग को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका पर कार्यवाहक चीफ जस्टिस जेएस खेहर व जस्टिस एके मित्तल की बेंच ने केंद्र सरकार के खेल एवं युवा मामलों से जुड़े मंत्रालय को 14 जनवरी के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
परमजीत सिंह बराड़ की याचिका में कहा गया कि अप्रवासी भारतीयों को खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका दिया जाए। केंद्र ने 3 नवंबर 2009 को एक पत्र जारी कर कहा है कि केवल भारतीय नागरिक ही राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बन किसी खेल में देश का प्रतिनिधित्व कर सकता है।
याचिका में कहा गया कि सरकार का यह फैसला अवैध व असंवैधानिक है। इस बारे में केंद्र सरकार ने 7 मई 2003 को सिटीजनशिप एक्ट में संशोधन संबंधी विधेयक पारित कर दिया था। याचिका में कहा गया कि सरकार का यह कदम भारतीय व अप्रवासी भारतीयों के बीच दूरियां पैदा करने का काम कर रहा है। ऐसे में इस निर्देश को खारिज किया जाए।










