सूची रद्द होने से पुलिस मुख्यालय में खलबली मची
रायपुर. पीसएससी(लोक सेवा आयोग) से 2005 में सलेक्ट 44 डीएसपी की सूची रद्द होने से पुलिस मुख्यालय में खलबली मची है। दो साल से इन अफसरों को ट्रेनिंग दी जा रही है। आंकड़ों का गुणाभाग करने से पता चला है कि सरकार इन पर दो साल में 8 करोड़ से ज्यादा खर्च कर चुकी है।
डीएसपी ट्रेनिंग फिलहाल अंतिम चरण में है। पीएससी सलेक्ट तमाम अफसर अभी जिलों में पदस्थ हैं। किसी जिले में उन्हें थानेदार की जिम्मेदारी सौंपी गई है, तो किसी को थाने में जूनियर सब-इंस्पेक्टर का ओहदा दिया गया है। अपने पद के हिसाब से डीएसपी अपराधों की विवेचना सीख रहे हैं।
जानकार बताते हैं कि यह ट्रेनिंग का सबसे आखिरी पार्ट है। तीन महीनों के भीतर यह प्रशिक्षण पूरा हो जाएगा। इसके साथ ही अफसरों का प्रोबेशन पीरियड भी खत्म होगा। उसके बाद उनकी पोस्टिंग डीएसपी या एसडीओपी के रुप में की जाएगी। हाईकोर्ट के ताजा फैसले के बारे में महकमे के आला अफसरों ने चुप्पी साध ली है।
हालांकि मुख्यालय के गलियारों में डीएसपी ट्रेनिंग पर होने वाले खर्च के बारे में जमकर चर्चा है। सरकार 20 महीनों से ट्रेनी अफसरों को 25 हजार मासिक वेतन दे रही है। उनकी ट्रेनिंग के लिए तकरीबन 100 अफसरों-कर्मियों का अमला जुटा है। इनके वेतन पर अलग खर्च हो रहा है।
ट्रेनिंग पीरियड के दौरान अफसरों के भोजन और ठहरने का पूरा व्यय सरकार के जिम्मे है। इतना ही नहीं ट्रेनी अफसरों को जंगलवार का प्रशिक्षण देने के अलावा फायरिंग करना भी सिखाया गया है। गोला-बारुद पर भी जमकर खर्च किया गया है। गुणाभाग करने के बाद यह माना जा रहा है कि सभी 44 अफसरों पर 8 करोड़ से ज्यादा खर्च किया जा चुका है। अफसरों का ऐसा मानना है कि नई सूची बनने के बाद 10-12 अधिकारी प्रभावित हो सकते हैं। ऐसी दशा में सभी को नए सिरे से ट्रेनिंग नहीं देनी पड़ेगी।
डीएसपी चुप बैठे : हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद प्रशिक्षु अफसरों ने मुंह बंद कर लिया है। मीडिया के सामने कोई भी अधिकारी मुंह नहीं खोल रहा है। बताते हैं कि अफसरों ने लामबंद होकर हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने की तैयारी कर ली है। इस वजह से उन्होंने मीडिया से दूरी बनायी है। चर्चा यह भी है कि ज्यादातर अफसर अपनी सामाजिक और आर्थिक स्थिति को लेकर बेचैन हैं। कुछ अफसरों का विवाह हो चुका है। कुछ अधिकारियों की शादी की तैयारी चल रही है।
ऐसी दशा में उनके लिए स्थिति काफी असहज हो चुकी है।










