हजारों शिक्षक होंगे इधर-उधर
जयपुर. शिक्षा विभाग में करीब 20 हजार शिक्षकों की पदोन्नति के बाद अगले माह 25 हजार शिक्षक इधर-उधर हो जाएंगे। विभाग प्रदेशभर के स्कूलों में अगले माह समानीकरण प्रक्रिया पूरी कर लेगा। पहले ही स्वाइन फ्लू के प्रकोप से अस्त-व्यस्त हो रही छात्रों की पढ़ाई समानीकरण के दौरान गड़बड़ाने की आशंका है।
शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया के कारण दो माह स्कूलों में पढ़ाई बाधित रही है। निकाय चुनाव के कारण समानीकरण की प्रक्रिया में कुछ समय जरूर अटका, लेकिन अब विभाग ने प्रदेशभर के शिक्षाधिकारियों को नए सिरे से प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए। बताया जा रहा है कि करीब 35 हजार शिक्षक समानीकरण के दायरे में हैं, इनमें 25 हजार को स्थानांतरित किया जाएगा। शिक्षाधिकारियों ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार करने का काम शुरू भी कर दिया।
स्वाइन फ्लू के कारण ज्यादातर स्कूलों में इन दिनों पढ़ाई पूरी तरह चौपट है। आधा शिक्षा सत्र गुजरने के बाद भी कई स्कूलों में अब तक महज 25 प्रतिशत कोर्स भी नहीं हो पाया है। ऐसे में परीक्षाएं भी समय पर होना संभव नहीं लग रहा है।
राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) के मुख्य महामंत्री बाबूलाल जैन का कहना है कि यदि सरकार समय रहते समानीकरण कर देती तो ये हालात पैदा होते। प्रदेश महामंत्री गिरीश शर्मा ने कहा है कि शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले ही चल रही यह कवायद अब तक पूरी नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। शिक्षामंत्री मास्टर भंवरलाल का कहना है कि समानीकरण की प्रक्रिया काफी पहले ही पूरी हो जाती, लेकिन विभाग ने पहले पदोन्नति कर पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना उचित समझा। अब निकाय चुनाव के बाद यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पूरी प्रक्रिया इस तरह रहेगी कि स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था बहाल रहे।
अब मंत्रियों के यहां डेरा
चुनाव होते ही एक बार फिर शिक्षकों का मंत्री, शिक्षा अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों के यहां डेरा लगना शुरू हो जाएगा। कई शिक्षक तो मौजूदा प्रचार अभियान के दौरान ही जनप्रतिनिधियों को विश्वास में ले रहे हैं। सचिवालय स्थित मंत्री कार्यालय तथा सिविल लाइंस स्थित उनके आवास पर तबादलों के लिए अब भी आवेदन आ रहे हैं।










