प्रस्तुतियों के साथ सिमटा कुंज
कुरुक्षेत्र. कुरुक्षेत्र विश्वविद्यायल में उत्तर क्षेत्र अंत: विश्वविद्यालय युवा समारोह रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ शुक्रवार को संपन्न हो गया। विभिन्न प्रदेशों से आए विद्यार्थी कलाकारों ने अपने-अपने प्रदेशों के लोक नृत्यों द्वारा अपनी संस्कृति को दर्शकों के सामने रखा। लोक नृत्यों की रोचकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शाम तक चले इस कार्यक्रम में दर्शक बंधे बैठे रहे।
सबसे पहले मंच पर आए पंजाब टेक्निकल विश्वविद्यालय जालंधर ने भांगड़ा प्रस्तुत पंजाब की माटी की सोंधी महक से परिचित करवाया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाली 17 टीमों में से सर्वधिक प्रस्तुतियां हरियाणवी व पंजाबी आधारित रही। इसके साथ ही आंचलिक लोक नृत्य के साथ जम्मू कश्मीर की वादियों का नृत्य देखने को मिला।
हरियाणा का धमाल नृत्य एमडीयू रोहतक द्वारा पेश किया गया। जिसमें मंच पर एक गांव का नजारा ही नजर आया। कूप-गुहारे, गन्ने व घास का खेत, खेतों में हल चलाते किसान आदि किसान के समूचे दैनिक कार्यो को मंच पर ही दिखा डाला।
इसके साथ ही गीत के बोल हम माटी के लाल, आया आया रै फागण का मास, देखूं बाट पिया की मैं, आदि गीतों से दर्शकों को खूब हिलोरे दिलवाए। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यायल मेरठ ने ब्रज की रास लीला को दर्शकों तक पहुंचाया। कृष्ण भगवान की जन्म भूमि ब्रज को उनकी कर्म भूमि कुरुक्षेत्र से जोड़ते हुए ब्रज की होली को महारास के माध्यम से प्रस्तुत किया। भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय खानपुर सोनीपत की छात्राआंे ने हरियाणा के घाघरे व चूंदड़ की चमक को मेले की धूम में दर्शाया।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला ने ठोडा नृत्य के माध्यम से महाभारत के उन पात्रों से परिचय करवाने का प्रयास किया जिन्हें शायद इतिहास भी नहीं जानता हो। उत्तराखंड से आए गो¨बद बल्लभ पंत विश्वविद्यालय पंत नगर के कलाकारों ने झोड़ा चांचरी, छोलिया आदि नृत्य शैलियों के मिले जुले मिश्रण से अपने प्रदेश की लोक संस्कृत को मंचित किया। एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यायल श्रीनगर ने पांडव नृत्य पेश किया।
गीतों पर झूमा ओडी हाल
पंजाब टेक्निकल विश्वविद्यालय जालंधर ने मंण्डे आए ने वैशाखी वाले, पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला ने आई ऐ वैशाखी डगा लाया टोलियां, गबरू पंजाब दे ने पौण बौलियां, गुरु अंगद देव विश्वविद्यायल लुधियाना ने बड़ेयां घरां दी जाईयां बी बांकी, पिंड दे गबरू सोणियां नारां के साथ समा बांधा। हरियाणा के जीजेयू हिसार तथा सीडीएलयू सिरसा के प्रतिभागियों ने भी पंजाबी प्रस्तुतियों से मनमोहा।
जीएनडी विश्वविद्यालय अमृतसर ने जीती ओवरआल ट्राफी
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आयोजित कुंज उत्सव में पांच विधाओं की दो दर्जन से अधिक प्रतियोगिताओं में गुरुनानक देव विश्वविद्यालय अमृतसर को ओवर आल विजेता घोषित किया गया।
संगीत विधाओं के लिए गुरुनानक देव विश्वविद्यालय अमृतसर, नृत्य विधाओं के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यायल कुरुक्षेत्र, लिटरेरी विधाओं में श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय कटड़ा, नाटच्य विधाओं व ललित कला में भी गुरुनानक देव विश्वविद्यालय अमृतसर को चैंपियन घोषित किया गया।
अनेकता में एकता का संदेश लेकर जाएं युवा
केयू में कुंज उत्सव के समापन पर सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने ने युवाओं से आह्वान किया कि वे धर्मभूमि से एकता का संदेश लेकर जाएं और इस संदेश देश में फैलाएं। ऐसे आयोजन और खेल प्रतियोगिताओं के मामले में प्रतिभा दिखाने के लिए बेशक लड़ें, लेकिन देश की एकता व अखंडता के मामले में एक हों।
सीएम हुड्डा ने कहा कि भौतिक विकास समय के अनुसार बदलता है, लेकिन सांस्कृतिक विकास सदा रहता है। उन्होंने इस आयोजन के लिये केयू कुलपति, स्टाफ, विद्यार्थियों तथा एआईयू की महासचिव बीना साह को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बीना साह ने इस रजत जयंती आयोजन के लिए कुरुक्षेत्र को चुन कर सराहनीय कार्य किया है, क्योंकि यहीं पर धर्म व अधर्म की लड़ाई हुई थी। यहीं से दुनिया को इंसनियत का पाठ पढाया गया।
हमारा प्रयास है इस धर्म भूमि को अंतर राष्ट्रीय नक्शे पर लाया जाए। सभी विजेताओं को पुरस्कृत किया। विशिष्ट अतिथि अखिल भारतीय विश्वविद्यायल संघ की महासचिव बीना साह ने 25 वर्ष से चली आ रही इस प्रतियोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देश के 488 विश्वविद्यालयों में से अब तक उनके संघ में 400 विश्वविद्यालय सदस्यता ले चुके हैं।
वीसी लेफ्टिनेंट जनरल डा. डीडी एस संधु ने मुख्यमंत्री व अतिथियों का स्वागत किया। शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने कहा कि अपनी सभ्यता व संस्कृति को बचाए रखना समाज व विश्वविद्यालयों का कर्तव्य होता है। एमडीयू रोहतक के युवा एवं सांस्कृतिक विभाग के निदेशक जगबीर राठी, केयू युवा एवं सांस्कृतिक विभाग के निदेशक अनूप लाठर सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
रणबीर सिंह भवन का किया उद्घाटन
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने शुक्रवार को केयू परिसर में नवनिर्मित चौधरी रणबीर सिंह भवन का उदघाटन किया। इस पर चार करोड़ तीन लाख रुपए की लागत आई। इसके अलावा चार करोड़ 20 लाख रुपए की लागत से बनाए गए परीक्षा भवन का उद्घाटन भी किया।



