बच्चों को समय पर नहीं मिलता खाना
सांपला. प्राइमरी बाद मिडिल स्कूलों में शुष् की गई मिड-डे-मील योजना के बर्तन आज तक स्कूलों में नहीं पहुंचे हैं। अब तक प्राइमरी स्कूल के बर्तनों में ही भोजन तैयार किया जा रहा है। वे बर्तन भी काफी पुराने होने के कारण खाना जल रहा है। कई बार छोटे बच्चों का खाना तैयार होने में समय लग जाता है जिसके कारण बड़ों को समय पर खाना नहीं मिल पाता है।
सरकार ने दो साल पहले ही मिडिल तक के बच्चों को दोपहर का भोजन स्कूल में ही देने की योजना लागू की थी। लेकिन खाना बनाने के लिए बर्तन आज तक स्कूलों में नहीं पहुंचे हैं। शिक्षकों का कहना है कि इस संबंध में जिला स्तर पर होने वाली मिटिंग में ये सवाल अधिकारियों के सामने रखा जाता है। वहां पर आश्वासन दिया जाता है कि बर्तनों का पैसा आने वाला है। तुरंत खरीद कर भेज दिए जाएंगे।
रसोई भी नहीं बनी
मिड-डे-मील को तैयार करने के लिए आज तक विभाग द्वारा रसोई की व्यवस्था नहीं कराई गई है। बच्चों का खाना खुले में बनाया जा रहा है तो कई स्कूलों में बरामदे व कमरों में ही तैयार किया जाता है। ऐसे में स्कूल में धुआं फैलने से बच्चों को परेशानी उठानी पड़ रही है। मिडिल स्कूलों के पास गैस चूल्हों की भी सुविधा नहीं है।
मिडिल स्कूल के बच्चों का खाना बनाने के लिए बर्तन नहीं हैं। एक-दो स्कूल ने स्कूल फंड के पैसों से बर्तन खरीदे हैं। अन्यथा सभी स्कूलों में प्राइमरी स्कूल के बर्तनों में ही खाना तैयार किया जाता है। बर्तनों के लिए आलाअधिकारियों से अवगत कराया गया है। - राजो देवी, खंड शिक्षा अधिकारी, सांपला










