मिस मैनेजमैंट अस्पताल की, परेशान मरीज
अमृतसर. मरीजों को बढ़िया सेहत सुविधाएं मुहैया कराने के दावे करने वाला सिविल अस्पताल मिस मैनेजमैंट के कारण मरीजों की परेशानी का सबब बना हुआ है। अस्पताल की तीसरी मंजिल पर आथरे व सर्जरी थियेटर के कु छ कदमों पर 40 बैडों का वार्ड कई सालों से बंद पड़ा है। थियेटर में होने वाले आपरेशन के बाद मरीज को तीसरी मंजिल से जरनल या ग्राऊंड वार्ड में शिफ्ट करना पड़ता है।
दोबारा ड्रेसिंग के लिए मरीज को वापस तीसरी मंजिल पर ले जाना पड़ता है। इस दौरान जो पीड़ा मरीज सहता है, वह वही जानता है। अस्पताल प्रशासन को इससे कोई लेना देना नहीं है, उसके पास एक ही बहाना है कि स्टाफ नहीं है। सूत्रों के अनुसार दोनों विभागों के डाक्टर एसएमओ को वार्ड खोलने के लिए कह चुके हैं, मगर स्थिति जस की तस है।
तीसरी मंजिल पर स्थित वार्ड को खोलने से दोनों विभागो के मरीजों को आपरेशन के बाद यहां शिफ्ट किया जा सकता है। इसके लिए प्रशासन के पास वही बहाना है कि वार्ड के लिए बैड नहीं हैं। वर्तमान में आपरेशन के बाद मरीज को निचली मंजिल पर स्ट्रैचर पर ले जाया जाता है। इसके लिए लिफ्ट तो मौजूद है, लेकिन कई माह से बंद पड़ी है।
इसके चलते गायनी मरीजों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। आपरेशन थियेटर में रोज सर्जरी और आथरे के औसतन चार से पांच आपरेशन होते हैं। वार्ड को खोलने से मरीजों को काफी सुविधा हो सकती है।
कोई परेशानी है तो उन्हें मेरे साथ बात करनी चाहिए। अगर एसएमओ को समस्या पता है तो इसका हल निकला चाहिए था। वार्ड के लिए बैडों की जानकारी ली जाएगी। - लहंबर सिंह, सिविल सर्जन










