Saturday, Nov 21st, 2009, 4:01 am [IST]  

danik bhaskar15,000 करोड़ का होगा ट्रैफिक प्लान

Bhaskar News

जयपुर. जयपुर का यातायात सुधारने और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए 15 हजार करोड़ का मेगा ट्रैफिक प्लान बनाने की कवायद शुरू की गई है। जयपुर विकास प्राधिकरण ने बैंगलूर की कम्पनी को सन 2031 की आवश्यकताओं के अनुरूप शहर के लिए समग्र परिवहन योजना (कॉम्प्रेहैन्सिव मोबिलिटी प्लान) बनाने का काम सौंपा है। प्रस्तावित जयपुर मेट्रो और बस रेपिड ट्रांजिट सिस्टम (बीआरटीएस) के अधिकतम उपयोग के आधार पर नया प्लान तैयार होगा।



शहर के ट्रैफिक को दुरुस्त करने के लिए बैंगलूर की विलबर स्मिथ कम्पनी ने योजना तैयार की है, जिसका शुक्रवार को जेडीए, जिला प्रशासन, रोडवेज और यातायात पुलिस के अफसरों के सामने प्रस्तुतीकरण किया गया। अब जेडीए ने कम्पनी को विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने की जिम्मेदारी दी है। ट्रैफिक सुधार एवं बेहतर प्रबंधन के लिए इस योजना को मास्टर प्लान 2025 के हिसाब से तैयार किया जाएगा। इस योजना के तहत शहर में उपलब्ध जमीन पर ही ट्रैफिक सुविधाओं का विस्तार किया जाना है।



जयपुर में यह योजना लागू करने पर लगभग 15 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे, जो विभिन्न चरणों में खर्च किए जाएंगे। कंपनी की ओर से प्रस्तुत किए गए प्रारंभिक मसौदे में मेट्रो और बीआरटीएस पर वृहद खर्च की रूपरेखा दी गई है। साथ ही कुछ इलाकों में पैरा ट्राम चलाने का भी सुझाव दिया गया है। इसके साथ ही आम जनता को वाजिब दरों पर बेहतर बसें, मेट्रो रेल और परिवहन के अन्य साधन सुलभ करवाने के भी सुझाव दिए गए हैं ताकि जन सुविधा के लिए सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को प्रोत्साहन मिले एवं इन परिवहन सुविधाओं का उपयोग सन 2031 तक अधिकाधिक लोग करने लगंे।



केंद्र ने दिए थे निर्देश



जयपुर में मेट्रो परियोजना से पहले जब बीआरटीएस प्रोजेक्ट प्रस्तावित किया गया था तो शहर का कॉम्प्रेहैन्सिव मास्टर प्लान बनाने के केंद्र सरकार ने निर्देश दिए थे। इस प्लान में केंद्र सरकार के निर्देशों में बताई गई बातों को प्रमुखता से शामिल किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि केद्र से मिलने वाले अनुदान के लिए यह प्लान अनिवार्य है।



15 दिन में प्लान का फाइनल ड्राफ्ट



कंपनी कॉम्प्रेहैन्सिव मोबिलिटी प्लान का फाइनल ड्राफ्ट जेडीए को अगले 15 दिन में सौंप देगी। इस फाइनल ड्राफ्ट पर रोडवेज, यातायात पुलिस, जिला प्रशासन और जेडीए के अधिकारी फिर से विचार विमर्श करेंगे। इसके बाद फाइनल प्लान केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।



विपरीत दिशाओं में बनेंगे 8 बस स्टैंड



प्लान के मुताबिक, सिंधी कैम्प बस स्टैंड की तर्ज पर शहर में आठ और बस स्टैंड बनेंगे। ट्रैफिक को सुचारु करने के लिए आवश्यकता के हिसाब से नई सड़कें बनेंगी जहां रिक्शे, साइकिलों के लिए अलग लेन होंगी। जरूरत के अनुरूप पेडेस्ट्रियन पाथ, रेलवे ओवरब्रिज, फ्लाईओवर व अंडरपास भी बनाने होंगे।



प्लान की खास बातें



मेट्रो व बीआरटीएस जैसे सार्वजनिक यातायात साधनों के अधिकतम उपयोग की सुनिश्चितता के साथ यह भी ध्यान रखा जाएगा कि उनके किराये आम नागरिक की पहुंच में हों और वे उनका अनिवार्यत: उपयोग करें।



2025 के मास्टर प्लान के अनुरूप इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेन्ट और उनकी जरूरतों को भी ट्रैफिक प्लान से जोड़ा जाएगा। 15,000 करोड़ की राशि चरणबद्ध रूप से खर्च की जाएगी। प्लान को आखिरी शक्ल देने से पहले सभी बड़े शहरों के ट्रैफिक प्लान का अध्ययन किया जाएगा। प्रभावी ट्रैफिक मैनेजमेन्ट के लिए प्लान में रोड क्रॉसिंग व चौराहों के सुधार, समुचित पार्किग नीति और पर्यटक फ्रेंडली के विकास का भी ध्यान रखा जाएगा।

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